Date Archives April 2020

तेरा ख्याल

तेरा ख्याल

मुझे तो हर बात में कमाल लगता है तू आती है जब जब मेरे ख्यालों में तो मेरे दिल ,दिमाग बहुत धमाल मचता है।

इश्क़ की बात ना कर

फिलहाल ए दिल तू
इश्क़ की बात ना कर
मै तो बर्बाद हूं पहले से
अब और मुझे
तू बर्बाद ना कर

बेफिजूल की चर्चा है ये इश्क़
इस पर बेशकीमती शब्दों को
बर्बाद ना कर

बेमतलब , बेवजह
किसी के ख्यालों में डूबकर
अब वक़्त को तो
तू बर्बाद ना कर

छोड़ बैठ जा बस
इश्क़ एक रोग है
लाइलाज
दिल ओर दिमाग का
अजब सा संजोग है

इस इश्क़ पर
तू अपना पंचभूत
शरीर बर्बाद ना कर …….

इश्क़

शब्द गुजेंगे

मेरे शब्द गुजेंगे
वो शोर मचाएंगे
वो जन जन तक
मेरा संदेश पहुंचाएंगे
लाखो , करोड़ों की भीड़
इकट्ठा कर लाएंगे
एक नया गीत
मेरे शब्द बनाएंगे
जन जन मिल कर
उस गीत को गाएंगे
जन जन में जागृति लाएंगे
हम सब फिर से एक हो जाएंगे
“वासुदेव कुटुंबकम्”
हम कहलाएंगे

शब्द

सचिन तेंदुलकर के बारे में रोचक तथ्य

सचिन तेंडुलकर के बारे में रोचक तथ्य1. 1995 में सचिन तेंदुलकर नकली मूंछ-दाढ़ी और चश्मा लगाकर फ़िल्म ‘रोजा’ देखने गए थे, लेकिन उनका चश्मा गिरते ही सिनेमा हॉल में मौजदू लोगों ने उन्हें पहचान लिया.
2. यह बेहद कम लोग ही जानते हैं कि सचिन तेंदुलकर अपने पिता रमेश तेंदुलकर की दूसरी पत्‍नी के पुत्र है। रमेश तेंदुलकर की पहली पत्‍नी से तीन संताने हुई, अजीत, नितिन और सविता तीनों सचिन से बड़े है।
3. सचिन के पिता रमेश तेंदुलकर प्रसिद्ध संगीतकार सचिन Dev Burman के बहुत बड़े फ़ैन थे. उन्होंने अपने बेटे का नाम भी उन्हीं के नाम पर रखा.
4. स्कूल टाइम में सचिन अपने दोस्तों के साथ वड़ा पाव खाने का कॉम्पीटीशन रखते थे। विनोद कांबली को वे कई बार इस रेस में हरा चुके हैं।
5. स्कूली जीवन में उनके अच्छे दोस्त अतुल रानाडे ने उनके घुंघराले बालों के कारण उन्हें लड़की समझ लिया था।
6. बचपन में यदि सचिन नेट्स में पूरा सत्र बिना आउट हुए खेल लेते, तो उनके कोच ‘रमाकांत अचरेकर’ उन्हें एक सिक्का  देते थे. सचिन के पास ऐसे 13 सिक्के हैं.
7. मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में 1988 में खेले एक दिवसीय अभ्यास मैच में सचिन तेंदुलकर ने पाकिस्तान के लिए फ़ील्डिंग की थी.
8. जब सचिन महज 14 साल के थे, तब Sunil Gavaskar ने उन्हें बहुत ही हल्के पैड तोहफे में दिए थे। अंडर-15 टीम के कैंप के दौरान Indore में वे पैड चोरी हो गए थे।
9. गेंदबाजों को दिन में तारे दिखाने वाले सचिन को नींद में चलने की बीमारी है। एक बार एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इस बात का खुलासा किया था। उनकी इसी आदत के कारण अकसर उनके घरवाले और टीम के साथी खिलाड़ी परेशान रहते हैं।
10. सचिन तेंडुलकर Left Hander हैं। जी हां, यह सच है। वैसे तो सचिन सीधे हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। बॉलिंग में भी उनका सीधा हाथ काम करता है, लेकिन Autograph देने के लिए वे बायें हाथ का इस्तेमाल करते हैं।
11. Dennis Lillee और सचिन तेंदुलकर के रिश्ते पर काफ़ी बात हुई है. M.R.F के फाउंडर लिली ने ही सचिन को गेंदबाजी छोड़ बल्लेबाजी पर ध्यान देने की सलाह दी थी. लिली ने जिन खिलाड़ियों को तेज़ गेंदबाज़ बनने से मना किया उनमें Sourav Ganguly भी शामिल थे.
12. 1995 में सचिन तेंदुलकर नकली मूंछ-दाढ़ी और चश्मा लगाकर फ़िल्म ‘रोजा’ देखने गए थे, लेकिन उनका चश्मा गिरते ही सिनेमा हॉल में मौजदू लोगों ने उन्हें पहचान लिया.
13.  दिलचस्‍प तथ्‍य यह है कि सचिन जब कभी भी टीम के साथ बस में होते हैं तो वे हमेशा पहली पंक्ति में बायीं तरफ की खिड़की वाली सीट पर बैठते हैं।
14. सचिन तेंदुलकर 14 साल की उम्र में मुंबई की रणजी टीम में शामिल हुए. इतनी कम उम्र में मुंबई की Ranji Team में शामिल होने वाले वे पहले खिलाड़ी थे.
15. Sachin ने Pakistan के ख़िलाफ़ अपने पहले टेस्ट मैच में सुनील गावस्कर से उपहार में मिले पैड्स को पहन कर खेला था.
16. 1996 के विश्वकप में सचिन के बल्ले पर किसी भी कंपनी का लोगो नहीं था. विश्वकप के तुरंत बाद टायर बनने वाली कंपनी MRF ने उनसे करार कर लिया था.
17. सचिन तेंदुलकर ने रणजी, दलीप और ईरानी ट्राफ़ी के अपने पहले ही मैचों में शतक जमाए. ऐसा करने वाले वे भारत के एकमात्र बल्लेबाज़ हैं. उनका यह रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है.
18. सचिन ने अपने ज्यादातर बड़े स्कोर गोकुलाष्टमी, होली, रक्षा बंधन और दीपावली जैसे भारतीय त्योहारों पर ही बनाए हैं।
19. सचिन ने अपने टेस्ट करियर में कभी तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी नहीं की। बतौर सेकंड ओपनर वे कुल 1 बार उतरे।
20. सचिन के नाम एक खास रिकॉर्ड दर्ज है। वे जिस भी Ranji Match में खेले हैं, उनकी टीम हर बार विजयी रही है।
21. एकमात्र रणजी मैच जिसमें सचिन हारी हुई मुंबई टीम का हिस्सा थे वह Haryana के खिलाफ था।
22. सचिन जब भी बल्लेबाजी के लिये उतरे, मैदान पर कदम रखने से पहले वह सदैव सूर्य देवता को नमन करते।
23. क्रिकेट के प्रति उनका लगाव एक घटना से लगाया जा सकता है। वर्ल्ड कप 1999 के दौरान जब उनके पिताजी का निधन हुआ तो वह पिता की अन्त्येष्टि में शामिल हुए और वापस मैच खेलने लौट गये। अगले मैच में सचिन ने शतक ठोककर अपने दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि दी।
24. सचिन अपनी Ferrari के इतने दीवाने हैं कि वे अपनी पत्नी Anjali को भी इसे चलाने नहीं देते.
25. Third Umpire द्वारा आउट दिए जाने वाले पहले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हैं. 1992 में, डरबन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन जोंटी रोड्स के थ्रो के बाद यह मामला तीसरे अंपायर को रेफ़र किया गया. अंपायर कार्ल लाएबनबर्ग ने सचिन को आउट करार दिया था.sachin tendulkar facts in hindi
26. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सचिन 1990 में पहली बार टीवी पर दिखे. इसके बाद वे Kapil Dev के साथ कई विज्ञापनो में नज़र आए. सचिन तेंदुलकर पहली बार एक दवा कंपनी के ‘प्लास्टर’ के विज्ञापन में नज़र आये थे।
27. बच्चे, महिलाएं, बुर्जुग हर उम्र के लोग सचिन के दीवाने हैं. यही वह क्रिकेटर है, जिसने क्रिकेट को घर-घर पहुंचा दिया. कहा जाता है कि “सचिन के आउट होते ही आधा भारत टीवी बंद कर देता था”.
28.  सचिन तेंदुलकर का बैट लगभग 1.5 किलोग्राम का होता था. इतना भारी बल्ला सिर्फ़ दक्षिण अफ्रीका के लांस क्लूजनर इस्तेमाल करते थे.
29. सचिन तेंदुलकर सौरव गांगुली को ‘बाबू मोशाय’ कहते हैं और गांगुली उन्हें ‘छोटा बाबू’ कह कर पुकारते हैं.
30. सचिन के पिता रमेश तेंडुलकर ने सचिन को करियर की शुरुआत में ही शराब और सिगरेट के विज्ञापनों से दूर रहने की सलाह दी थी और सचिन ने भी अपने पिता से ऐसा न करने का वादा किया था।
31. सचिन ने अपना 5000वां, 10000वां और 15000वां रन भारतीय सरजमीं पर बनाए हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि उन्होंने अपना 5000वां और 10000वां रन ईडन गार्डन्स पर पूरे किए और दोनों अवसरों पर विरोधी टीम पाकिस्तान थी।
32. अब सचिन के रिटायरमेंट के बाद उनके बच्चे England के लिए भी खेल सकते हैं। क्योकीं उनकी नानी अन्नाबेल इंग्लैंड की हैं।33. भारत सरकार की तरफ़ से सचिन तेंदुलकर को पद्म विभूषण, राजीव गांधी अवॉर्ड (खेल), महाराष्ट्र भूषण अवॉर्ड, पद्मश्री, अर्जुन अवॉर्ड और भारत रत्न से सम्मानित किया गया है.

परिवर्तन काल जीवन

परिवर्तन काल जीवन
एक बार यह प्रश्न पूछा मुझसे किसी ने चलिए आज इस प्रश्न को मै एक ओर तरीके से समझाता हूं
हमारा जीवन इस समय किस काल में चल रहा है , यह जो जीवन है वो वर्तमान काल है और हम सभी भविष्य की रचना कर रहे है एक एसा समय जिसकी हम सभी रचना करने में सहायक तत्व है वो किस प्रकार है यह आप स्वयं की हर एक प्रकार कि गतिविधि से समझ सकते है

भूतकाल
भूतकाल जिसे बदला नहीं जा सकता और हम सभी बहुत लंबी अवधि तय कर चुके इससे पूर्व भी हमारे अनेकानेक जन्म हो चुके है। यह समय का बहुत बड़ा हिस्सा है लगभग 14 करोड़ साल हो चुके है एक खोज के अनुसार जिसमे हस्तक्षेप करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। 

वर्तमान काल
वर्तमान काल जिसे हम जी रहे है जिसका धागा भूतकाल से जुड़ा हुआ है जो कार्य हो रहा है हम भूतकाल में अधूरा छोड़ आए या फिर किसी कारण वश अधूरा रह जाता है और साथ साथ हम अपने भविष्य को और बेहतर बनाने के लिए यह वर्तमान काल जीवन व्यतीत कर रहे है परन्तु यह समय का एक बहुत छोटा हिस्सा है। जो भूतकाल में हमारी इच्छाएं, मिलना , घटना , स्तिथि , परिस्थिति बाकी थी वह वर्तमान में पूरी हो रही है जैसा की हमें लगता है इसके पहले भी यह घटना हो चुकी है , हम यहां आ चुके है , हम इसे मिल चुके है इसी प्रकार जो इच्छाएं हमारी अभी नहीं पूरी हो रही वह सभी भविष्य काल में जा रही है और हम सारी अधूरी इच्छाओं को भविष्य में पूरा करेंगे।

भविष्य काल
भविष्य काल  आज हम अपनी अनेकानेक इच्छाएं छोड़ रहे है कि वो सभी इच्छाएं आगे पूरी करेंगे इसी तरह से भविष्य काल लगातार असीमित हो रहा है यह एक अनंत समय अवधि में फैला हुआ है।
भविष्य काल पूर्ण रूप है जैसी हमारी इच्छाएं वर्तमान काल के समय में थी वह सभी भविष्य काल में बनी हुई होती है हमें उसी प्रकार का संसार भविष्य काल में मिलता है।

हम जिस पृथ्वी पर है उसे वर्तमान ग्रह कहते है उसके अलावा तो समानंतर ग्रह है भूतकाल ग्रह और भविष्य काल जिसमे समय कही से कही तक नही है।
क्या यह हमें ज्ञात है ? कि समय कितनी दूरी तय कर चुका नहीं हमे नही पता की भविष्य कितनी दूरी तय कर चुका होगा और अभी तक हमे यह भी नही ज्ञात की भूतकाल कितनी दूर तय करके आया है सिर्फ अनुमानित दृष्टिकोण है।

जिस ग्रह पर आज हम है यह एक सीधी रेखा की भांति है जो बार बार भूतकाल और भविष्य काल की घटनाओ से टकरा रहा है हम वर्तमान काल के जिस हिस्से में है जिसमें
कुछ भी आसानी से एडजस्ट किया जा सकता है परंतु दूसरे कालो में नहीं जैसे भूतकाल में कुछ भी संशोधन नही किया जा सकता  और वही दूसरी ओर भविष्य काल में बहुत सारी संभावनाएं पैदा की सकती है परंतु वर्तमान काल में  करने वाली एक कोशिश है आप वर्तमान काल में हो जो की बहुत छोटा हिस्सा है जो हम और आप शायद सोच भी ना सकते यह वो हिस्सा है

जो कि एक पल का भी 100000वा हिस्सा हो हो सकता है और शायद उससे भी कई गुना छोटा हिस्सा जिसमे कुछ भी छोड़ा जा सकता है जिसमे किसी का प्रवेश संभव है

परंतु भूतकाल में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नही किया जा सकता क्युकी वह हो चुका है और जो हो चुका है उस घटना क्रम को बदलना असम्भव है जिस तरह वाणी से निकला वचन वापस नहीं लिया जा सकता , मृतक को जीवित नहीं किया जा सकता उसी प्रकार भूतकाल में
वापस नहीं जाया हा सकता है।

लेकिन ये वर्तमान काल ऐसा काल जिसमे आप बार बार एक घटना को कई बार देख सकते हो एवम कर सकते हो यहाँ पर आपके द्वारा की कोई भी गलती या घटना पुनः ठीक की जा सकती है आप अपनी भूल को सुधार करने के लिए बहुत सारे प्रयत्न कर सकते हो।

  परंतु भूतकाल में जो गलतियां हो चुकी है उन्हें ठीक नही किया जा सकता या फिर उनसे कोई भी और किसी भी प्रकार की छेड़खानी नही की जा सकती वो ज्यो की त्यों ही रहेगी परंतु भविष्य के लिए उनमें संभावनाएं पैदा की जा  सकती है जिनसे वो ठीक हो सके हम उस काल में है जो इन सभी घटनाओ को ठीक कर रहा है और हमारे भविष्य में होने वाले कार्य को सुचारू रूप से चलाया जा सके उन्हें पूरी तरह से ठीक किया जा रहा है हम उस एक पल में है जहा पर छेड़खानी की, संशोधन की असीम संभावना है लेकिन यह एक बहुत छोटी और सीधी रेखा है जिसमे किसी का प्रवेश होना मुश्किल है परन्तु असम्भव नहीं।
 
  क्युकी  यह दोनो कालो के मध्य में रगड़ होने पर कोई मिलाप रेखा है जिसे हम युग परिवर्तन रेखा भी कह सकते  है इस काल को शायद इसलिए यह भी कहा जाता है कि परिवर्तन ही जीवन का नियम है हो सकता है यह इसी आधार पर कहा गया हो।  यह घटना हमारे हिसाब से बहुत बड़ी है परंतु यह घटना एक बहुत छोटी घटना का रूप है

Pareller universe concept ( Theory )
We are living in the present universe which is a straight line in btw past and future universe and this present universe is just a millionth second which can’t be seen by past and future both of them are enjoying the unlimited time and period where there is no time , no boundaries , no discussion about time
{ future }—-{present }—{past } these are parrler to each other when ever they come in connection we call it yug parivartan
In our present universe we can make multiple change for the future but in past universe this can not be change
And in the future universe there are million of possibilities even we can call it perfect universe for all of us who thinking about to be there who all are working and giving effort for the better future —  “A perfect future”

जिस ब्रह्मंड के बारे में हम सभी सोच रहे है यदि उसके बारे में अंदाज लगाया जाए तो वह बहुत आगे की सभ्यता हो चुकी है क्योंकि यदि हम समझें तो हमारा जीवन हमारी गणना के अनुसार 14 करोड़ साल पुराना है
उसके हिसाब से हम जितने तकनीकी हो चुके है उसके हि्साब से हमारी भविष्य की सभ्यता बहुत उन्नत होगी जो सभी आराम दायक और सभी प्रकार के औजारों से समृद्ध हो चुकी हो शायद टेक्नॉलजी
से भरपूर सभी कुछ होगा और जिसे और बेहतर होने से कोई नही रोक पा रहा है
उन्होंने अपने खाने पीने कमाने के सभी साधनों को पूरा कर लिया होगा अथवा यह भी हो सकता है उन्होंने अपने खाने को त्याग ही दिया हो
यह एक पूर्ण विकसित सभ्यता हो चुकी होगी

परिवर्तन काल जीवन

परिवर्तन काल जीवन
एक बार यह प्रश्न पूछा मुझसे किसी ने चलिए आज इस प्रश्न को मै एक ओर तरीके से समझाता हूं
हमारा जीवन इस समय किस काल में चल रहा है , यह जो जीवन है वो वर्तमान काल है और हम सभी भविष्य की रचना कर रहे है एक एसा समय जिसकी हम सभी रचना करने में सहायक तत्व है वो किस प्रकार है यह आप स्वयं की हर एक प्रकार कि गतिविधि से समझ सकते है

भूतकाल
भूतकाल जिसे बदला नहीं जा सकता और हम सभी बहुत लंबी अवधि तय कर चुके इससे पूर्व भी हमारे अनेकानेक जन्म हो चुके है। यह समय का बहुत बड़ा हिस्सा है लगभग 14 करोड़ साल हो चुके है एक खोज के अनुसार जिसमे हस्तक्षेप करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। 

वर्तमान काल
वर्तमान काल जिसे हम जी रहे है जिसका धागा भूतकाल से जुड़ा हुआ है जो कार्य हो रहा है हम भूतकाल में अधूरा छोड़ आए या फिर किसी कारण वश अधूरा रह जाता है और साथ साथ हम अपने भविष्य को और बेहतर बनाने के लिए यह वर्तमान काल जीवन व्यतीत कर रहे है परन्तु यह समय का एक बहुत छोटा हिस्सा है। जो भूतकाल में हमारी इच्छाएं, मिलना , घटना , स्तिथि , परिस्थिति बाकी थी वह वर्तमान में पूरी हो रही है जैसा की हमें लगता है इसके पहले भी यह घटना हो चुकी है , हम यहां आ चुके है , हम इसे मिल चुके है इसी प्रकार जो इच्छाएं हमारी अभी नहीं पूरी हो रही वह सभी भविष्य काल में जा रही है और हम सारी अधूरी इच्छाओं को भविष्य में पूरा करेंगे।

भविष्य काल
भविष्य काल  आज हम अपनी अनेकानेक इच्छाएं छोड़ रहे है कि वो सभी इच्छाएं आगे पूरी करेंगे इसी तरह से भविष्य काल लगातार असीमित हो रहा है यह एक अनंत समय अवधि में फैला हुआ है।
भविष्य काल पूर्ण रूप है जैसी हमारी इच्छाएं वर्तमान काल के समय में थी वह सभी भविष्य काल में बनी हुई होती है हमें उसी प्रकार का संसार भविष्य काल में मिलता है।

हम जिस पृथ्वी पर है उसे वर्तमान ग्रह कहते है उसके अलावा तो समानंतर ग्रह है भूतकाल ग्रह और भविष्य काल जिसमे समय कही से कही तक नही है।
क्या यह हमें ज्ञात है ? कि समय कितनी दूरी तय कर चुका नहीं हमे नही पता की भविष्य कितनी दूरी तय कर चुका होगा और अभी तक हमे यह भी नही ज्ञात की भूतकाल कितनी दूर तय करके आया है सिर्फ अनुमानित दृष्टिकोण है।

जिस ग्रह पर आज हम है यह एक सीधी रेखा की भांति है जो बार बार भूतकाल और भविष्य काल की घटनाओ से टकरा रहा है हम वर्तमान काल के जिस हिस्से में है जिसमें
कुछ भी आसानी से एडजस्ट किया जा सकता है परंतु दूसरे कालो में नहीं जैसे भूतकाल में कुछ भी संशोधन नही किया जा सकता  और वही दूसरी ओर भविष्य काल में बहुत सारी संभावनाएं पैदा की सकती है परंतु वर्तमान काल में  करने वाली एक कोशिश है आप वर्तमान काल में हो जो की बहुत छोटा हिस्सा है जो हम और आप शायद सोच भी ना सकते यह वो हिस्सा है

जो कि एक पल का भी 100000वा हिस्सा हो हो सकता है और शायद उससे भी कई गुना छोटा हिस्सा जिसमे कुछ भी छोड़ा जा सकता है जिसमे किसी का प्रवेश संभव है

परंतु भूतकाल में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नही किया जा सकता क्युकी वह हो चुका है और जो हो चुका है उस घटना क्रम को बदलना असम्भव है जिस तरह वाणी से निकला वचन वापस नहीं लिया जा सकता , मृतक को जीवित नहीं किया जा सकता उसी प्रकार भूतकाल में
वापस नहीं जाया हा सकता है।

लेकिन ये वर्तमान काल ऐसा काल जिसमे आप बार बार एक घटना को कई बार देख सकते हो एवम कर सकते हो यहाँ पर आपके द्वारा की कोई भी गलती या घटना पुनः ठीक की जा सकती है आप अपनी भूल को सुधार करने के लिए बहुत सारे प्रयत्न कर सकते हो।

  परंतु भूतकाल में जो गलतियां हो चुकी है उन्हें ठीक नही किया जा सकता या फिर उनसे कोई भी और किसी भी प्रकार की छेड़खानी नही की जा सकती वो ज्यो की त्यों ही रहेगी परंतु भविष्य के लिए उनमें संभावनाएं पैदा की जा  सकती है जिनसे वो ठीक हो सके हम उस काल में है जो इन सभी घटनाओ को ठीक कर रहा है और हमारे भविष्य में होने वाले कार्य को सुचारू रूप से चलाया जा सके उन्हें पूरी तरह से ठीक किया जा रहा है हम उस एक पल में है जहा पर छेड़खानी की, संशोधन की असीम संभावना है लेकिन यह एक बहुत छोटी और सीधी रेखा है जिसमे किसी का प्रवेश होना मुश्किल है परन्तु असम्भव नहीं।
 
  क्युकी  यह दोनो कालो के मध्य में रगड़ होने पर कोई मिलाप रेखा है जिसे हम युग परिवर्तन रेखा भी कह सकते  है इस काल को शायद इसलिए यह भी कहा जाता है कि परिवर्तन ही जीवन का नियम है हो सकता है यह इसी आधार पर कहा गया हो।  यह घटना हमारे हिसाब से बहुत बड़ी है परंतु यह घटना एक बहुत छोटी घटना का रूप है

Pareller universe concept ( Theory )
We are living in the present universe which is a straight line in btw past and future universe and this present universe is just a millionth second which can’t be seen by past and future both of them are enjoying the unlimited time and period where there is no time , no boundaries , no discussion about time
{ future }—-{present }—{past } these are parrler to each other when ever they come in connection we call it yug parivartan
In our present universe we can make multiple change for the future but in past universe this can not be change
And in the future universe there are million of possibilities even we can call it perfect universe for all of us who thinking about to be there who all are working and giving effort for the better future —  “A perfect future”

जिस ब्रह्मंड के बारे में हम सभी सोच रहे है यदि उसके बारे में अंदाज लगाया जाए तो वह बहुत आगे की सभ्यता हो चुकी है क्योंकि यदि हम समझें तो हमारा जीवन हमारी गणना के अनुसार 14 करोड़ साल पुराना है
उसके हिसाब से हम जितने तकनीकी हो चुके है उसके हि्साब से हमारी भविष्य की सभ्यता बहुत उन्नत होगी जो सभी आराम दायक और सभी प्रकार के औजारों से समृद्ध हो चुकी हो शायद टेक्नॉलजी
से भरपूर सभी कुछ होगा और जिसे और बेहतर होने से कोई नही रोक पा रहा है
उन्होंने अपने खाने पीने कमाने के सभी साधनों को पूरा कर लिया होगा अथवा यह भी हो सकता है उन्होंने अपने खाने को त्याग ही दिया हो
यह एक पूर्ण विकसित सभ्यता हो चुकी होगी

Social distancing

Social Media
व अन्य सभी जगह पर  एक शब्द और है जो बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है ओर पिछले 2 महिन से यह शब्द बहुत प्रचलित हो चुका है जिसको हमे समझना चाहिए और इस शब्द का पालन भी करना चाहिए।
Social Distancing
उचित दूरी बनाए रखे
संग दोष से बचाव = किसी के साथ नहीं रहना बाहर वाला आपके संपर्क से दूर और आप भी सभी से उचित दूरी बनाए शारीरिक तथा यहां हम मानसिक विचारो से दूरी बनाए क्युकी स्वयं को मजबूत बनाना है इस समय नकरात्मक विचारो का प्रभाव हम ना पड़े
भीड़ वाले इलाके में ना जाए साथ ही भीड़ एकत्रित ना होने दे
“भीड़ और झुण्ड” यह दोनों शब्द अब बहिष्कृत हो जाएंगे
“भेड़ चाल” यह शब्द गायब होगा अगले कुछ समय में
एकला चलो
असंग
स्वयं के साथ ज्यादा समय व्यतीत करना।
Self Quarantine  =

किसी को छूना नहीं ,किसी का स्पर्श नहीं लेना घर के सदस्यों से भी उचित दूरी बनाए रखना

अब यह एक शब्द है स्वयं को एक कमरे के भीतर ही रखना और आत्ममंथन करना  यदि आप चिड़चिड़ा या भीड़ के साथ नहीं रहना तो खुद एक अलग बंद कमरे में रह सकते हो और स्वयं के लिए बहुत कुछ सोच सकते , जिसे आप आत्म उत्थान कह सकते है इसी एक चीज के लोग घर छोड़ दिया करते थे परन्तु प्रकृति ने ये संदेश दिया है कि स्वयं के साथ रहे और स्वयं का निर्माण करे
सेल्फ ग्रूम = self Grooming

Home Quarantine = खुद को घर में कैद कर लेना और कहीं बाहर नहीं जाना यह भी एक अच्छा विचार है दुनिया की भीड़ से बिल्कुल अलग हो जाना और स्वयं के चित को शांत करना अपने परिवार के साथ खूब सारी बाते करना और बतियाना ना फोन की जरूरत ना किसी ओर चीज की आवश्यकता गृहस्थ जीवन ही अति सुखदाई अपने परिवार संग अपने समय का लाभ उठाओ और परिवार जन सहित अपने जीवन को सार्थक करो।