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खुद को बेहतर बनाने

खुद को बेहतर बनाने के लिए आपको लगातार अपने विचारों पर कार्य करना होगा हम किसी भी कार्य को बहुत देर तक करते है तो बोर हो जाते है लेकिन हमे उस बोरियत वाली सिचूऐशन से आगे बढ़ना होगा।

अपने अंदर की ताकत से,
खुद को बेहतर बनाना है।
जीवन के संघर्षों में,
खुद को नया मीठा रंग देना है।

जो दुख देता है तेरे जीवन को,
उसे हँसाते हुए पार करना है।
जो रुकावटें बनती हैं तेरे रास्ते में,
उन्हें नई दिशा देकर मार्ग पार करना है।

जीवन के दुख-दर्द से,
खुद को मुक्त करना है।
नए सपनों की उड़ान भरने के लिए,
खुद को नए राही बनाना है।

जीवन के सफर में,
खुद को नये अवसर देना है।
जीवन के प्रत्येक पल में,
खुद को बेहतर बनाना है।

खुद को बेहतर बनाने की चाह,
जीवन में सफलता की सीढ़ियों को पार करना है।
दुख-दर्द से अपने आप को मुक्त करना है,
खुशियों की तलाश में खुद को नया रास्ता देखना है।

खुद को सबसे बेहतर बनाना है,
अपनी ताकतों को पहचानना है।
संघर्ष को जीत के रूप में देखना है,
हर चुनौती को अपने लिए एक अवसर मानना है।

खुद को बेहतर बनाने की उत्सुकता हमेशा बनी रहनी चाहिए,
आगे बढ़ते रहने की भरपूर उमंग रखनी चाहिए।
ना हार मानने की इच्छा रखनी चाहिए,
बल्कि हर दिन अपनी जीत के लिए लड़ते रहनी चाहिए।

जिंदगी की नई सोच

जिंदगी की नई सोच के साथ जीवन को नया बनाओ

हर रोज नया कुछ सोचो

हर रोज अच्छा सोचे

हर रोज नया कुछ करने की सोचो

हर रोज क्या नया कर सकते हो ?

हर रोज नए सपनों को उन कोर कागज पर लिखो

जिसको आप पूरा कर सकते हो, या कर चाहते हो

हर रोज एक नयापन हो जीवन में इस तरह से सोचो

हर रोज को किस तरह से बेहतर बना सकते हो इस तरह से कुछ करो

अपने हर रोज के काम में

क्या जोड़ सकते हो उसके बारे में सोचो, कितना बेहतर हो यह जीवन

जिंदगी की नई सोच के साथ

जीवन उन ख्यालों में

जीवन उन ख्यालों में होना जरूरी है, जो ख्याल बस तुम्हारी ही यादों में ठहरे रहे वरना कही दब मर जाएगा यह जीवन, जीवन की अनंत उचाई को पा लेना है।

ख्याल इस मन के फिरते रहते हैं,
जैसे एक नौजवान जो अभी जवान हैं।
ख्यालों की उड़ान से ऊँचे आसमान तक,
ये मन दौड़ता है जैसे एक जवान हैं।

ख्यालों की धुंध में गुम होते हुए,
पार लगाना चाहते हैं जैसे एक समुंदर हैं।
मन के इस अंधेरे से निकलकर,
जीवन की रोशनी को पाना चाहते हैं जैसे एक ज्योति हैं।

जीवन उन ख्यालों में फिरता रहता हैं,
जैसे एक युवा जो नए सपनों में खोता हैं।
इन ख्यालों के साथ जीवन के सफर में,
ये मन बढ़ता है जैसे एक दौड़ता हुआ युवा हैं।

ख्याल इस मन के हमेशा साथ रहते हैं,
जैसे एक साथी जो कभी छोड़ते नहीं हैं।
इन ख्यालों की उड़ान से ऊँचे आसमान तक,
ये मन दौड़ता है जैसे एक जवान हैं।

सपने बड़े हो

सपने बड़े हो , सपने जीतने बड़े देख सको उतने बड़े देखो, छोटे सपनों को पूरा करने में मज़ा नहीं आता, सपने बड़े हो हम कभी न डरे हो,
जीवन की ये चुनौती हम कभी न हारे हो।
सपनों के पीछे दौड़ते रहो,
अपनी उम्र बीतते रहो, पर सपनों से कभी न हारे हो।

अपनी मंजिल की तलाश में जाओ,
उच्च ऊँचाईयों पर जाओ, मगर न कभी रुको।
जीवन की हर चुनौती से लड़ते रहो,
अपनी ताकतों को पहचानते रहो।

सपनों के पीछे दौड़ते रहो,
आगे बढ़ते रहो, किसी चीज से न घबराओ।
जीत के लिए तैयार रहो,
दुख-दर्द से नहीं, जीत के लिए हार जाओ।

सपनों के इन बादलों से उठो,
उन्हें छुओ, उन्हें पकड़ो, उन्हें अपने साथ ले जाओ।
जीवन की उड़ान से ऊँचे आसमान तक जाओ,
पर सपनों से कभी न हारो।

सपने बड़े हो हम कभी न डरे हो,
हम जीत के लिए तैयार हो, हम हार न माने।
अपने सपनों को पाने के लिए हम लड़ते रहे,
जीवन की ये चुनौती हम कभी न हारे हो।

रात के ख्याल

रात के उन ख्यालों को कैसे अकेला छोड़ दु

उन ख्यालों संग ना खेलू क्या ………………………

ख्यालों को कैसे अकेला छोड़ दु जो अकेले है

रात में उन के साथ क्या खेलू नहीं

उन ख्यालों से क्या मिलू भी नहीं

वो ख्याल ही है जिनकी वजह से नींद का मज़ा आता है

ये ख्याल मुझे हर रोज नई दुनिया की सैर कराते है

मेरी कल्पनाए एक रूप ले लेती है

उन कल्पनाओ के साथ मैं इन ख्यालों को सजाता हूँ,

देखता हूँ , ओर खूब खेलता हूँ मुझे इन ख्यालों संग अच्छा लगता है

ये ख्याल मेरा बहुत ख्याल रखते है

मैं उठू या नहीं उस रात के बाद इस बात की भी चिंता नहीं

यह ख्याल मुझसे दूर कर देते है फिर कैसे ना देखू मैं ख्याल,

फिर कैसे रहू रात भर बिन ख्याल

मन में सपनों

निकला था उस ठिकाने को ढूँढने जिसका पता भी नहीं मालूम,
मन में सपनों के अलग ही उत्साह लिए हुए।
जाने क्या मिलेगा रास्ते में,
पर मन में जज्बातों के तूफान उठे हुए।

ये दौड़ जीवन की ये चुनौती है,
जिसे अपनी ताकतों से माना जाना है।
अपने सपनों की तलाश में निकलो,
खुद को अगली मंजिल पर पहुँचाना है।

रोक नहीं सकती ये दुनिया तुम्हें,
जो तुम्हारे सपनों की उड़ान भी नहीं रोक पाती।
सफलता की राह में होगी बहुत चुनौतियां,
पर हार नहीं मानो, जीत को प्राप्त करो तुम भी।

ये दिन नहीं रहेंगे दूर,
जब तुम अपने सपनों की उड़ान उड़ा पाओगे।
रास्तों में मिलेगी अनजानी खुशियाँ,
तुम्हारी मेहनत और उमंगों से बरसाओगे।

निकला था उस ठिकाने जिसका पता भी नहीं मालूम,
पर मन में सपनों के अलग ही उत्साह लिए हुए।
दिल में अग्नि भर दो तुम,
सपनों की उड़ान तुम्हारे कदम चलाएगी आगे।

उम्मीद से उम्मीद

उम्मीद से उम्मीद लगाकर बैठ गया हूँ, अब उम्मीद भी पूछती है मुझसे की मैं पूरी हो जाऊ या अधूरी ही रहू।

ना जाने कितनी उम्मीद है मेरी आँखों में तुम्हें पाने की तुम्हें अपना बनाने की लेकिन तुम्हारे न कहने पर वो सारी उम्मीद टूटकर चकनाचूर हो जाती है।

उम्मीद पर शायरी – टूटे दिल और अधूरी चाहतों की कहानी

उम्मीद से उम्मीद लगाकर बैठा हूँ,
अब उम्मीद भी मुझसे पूछती है—
“क्या मैं पूरी हो जाऊं, या अधूरी ही रहूँ?”

ना जाने कितनी उम्मीदें बसी थीं मेरी आँखों में—
तुम्हें पाने की,
तुम्हें अपना बनाने की।
लेकिन तुम्हारे “ना” कहने भर से
वो सारी उम्मीदें टूटकर
चकनाचूर हो जाती हैं।

S

M

उम्मीद शायरी रोहित शब्द की
उम्मीद

शब्द हूँ मैं

शब्द तो बन बैठा हूँ

लेकिन शब्दों को कह नहीं पाता हूँ

बस खुद में ही कही नजर आता हूँ

शब्द हूँ शब्दों से कतराता हूँ

कभी छुपक जाता हूँ ,

कभी दुबक जाता हूँ ,

बाहर नहीं आ पाता  हूँ ,

घबरा कर बैठ भीतर ही जाता हूँ ,

यू मुझमे छिपा दर्द बहुत लेकिन कह कुछ नहीं पाता हूँ

बिना मतलब के चिल्लाता हूँ

हर किसी को बताता हूँ

शब्द हूँ मैं

लेकिन कुछ बोल नहीं पाता हूँ

भीतर की गहरी बाते जुबा पर ला नहीं पाता हूँ

जब भी बारी आई मेरी बोलने की सहमा सहमा नजर आता हूँ

शब्द हूँ मैं

लेकिन ज़्यादार मौन ही नजर आता हूँ

शब्द हूँ मैं

ना जाने ये बात भी कैसे जान पाया हूँ

लेकिन किसी को बता नहीं पाया हूँ

मन को कैसे रोके

इस मन को कैसे रोके जो मन भीतर हो रही है उछल कूद है

इस मन को कैसे रोके

इस मन के आवेश में कितने है झोंके

इस मन को कैसे रोके

यह मन यह मन

इधर उधर ले जाए

जीवन संग सतरंगी सपने सजाए

जीवन की उधेड़ बुन में लगाए

नए नए रंग जीवन संग जोड़े  

इन रंगों में इंसान खुद ही गुम हो जाए

इस मन भीतर अनेक कल्पना सज रही है

जो ये मन सजाए

इस मन को कैसे कैसे

हम समझाए

नित नए कार्यों में यह मन लग जाए

यह भी पढे: छोटी कविता, तालिया,

बात अच्छी

हाँ तुम्हारी हर बात अच्छी लगती , जिंदगी भर साथ रहु इसलिए मुलाकात अच्छी लगती है , तुम्हारी हर बात अच्छी लगती है,
जो तुम कहते हो वो बस सच लगता है।
तुम्हारी हंसी, तुम्हारी भावनाएं,
मेरे दिल को कुछ ज़्यादा ही सुकून देती है।

तुम्हारी हर बात मुझे खुशी देती है,
जो तुम कहते हो वो मेरी जिंदगी बदल देती है।
दिनभर तुम्हारी यादों में खोये रहते हैं,
तुम्हारी बातों से जीवन में नई उमंग पाते हैं।

तुम्हारी हर बात दिल को छू जाती है,
जो तुम कहते हो वो दिल को सुकून देती है।
तुम सबसे अलग हो, तुम सबसे खास हो,
तुम्हारी हर बात मेरे दिल को रोमांचित कर देती है।

तुम्हारी हर बात अच्छी लगती है,
तुम मेरी जिंदगी का हर पल खुशियों से भर देती हो।
तुम एक अनमोल सूखा नहीं हो,
तुम एक अनमोल गुलाब हो,
तुम्हारी हर बात मेरे दिल को आनंदित कर देती है।