जिंदगी एक कविता की भांति ही है— धीरे-धीरे खुलती हुई, अर्थों से भरी हुई।इसमें हर उतार-चढ़ाव एक पंक्ति बनकर सामने आता है, कभी कोमल भावों के साथ, तो कभी कठोर सच्चाइयों के साथ। जिस तरह जिंदगी हमें हर मोड़ पर प्रोत्साहित करती है, संभलना सिखाती है, उसी तरह कविता भी हमें थाम लेती है। कविता के शब्द केवल शब्द नहीं होते, वे अनुभव होते हैं— जो भीतर उतरकर सोचने, समझने और महसूस करने की शक्ति देते हैं।
कविता में छुपी जिंदगी की सच्चाई हमें आईना दिखाती है, बिना शोर किए, बिना आदेश दिए। वह हमें रूबरू कराती है हमारी कमजोरियों से, हमारे डर से, और हमारी संभावनाओं से भी। जिंदगी जब भारी लगने लगती है, तब कविता उसे हल्का करना सिखाती है। और जब रास्ता धुंधला हो जाए, तब यही कविता हमें जिंदगी जीने की राह पर एक नई रोशनी के साथ आगे बढ़ाती है।
मुस्कराहट का ही तो एक नाम है जिंदगी
जरा इसे मुस्कुराने ही दो,
ना गम के साये में खोने जाने दो यह है जिंदगी
जिसे मिली उसे कदर नहीं है
जिसे न मिली उससे पूछो जरा क्या है जिंदगी ?
न तड़पाओ न रोने दो बड़ी प्यारी है जिंदगी
इसे खिलने दो जरा यह खिलना चाहती है
क्योंकि खिलखिलाती सी है यह जिंदगी
गुदगुदाती सी है जिंदगी
बहुत हसाती है यह जिंदगी
रुलाती भी बहुत है जिंदगी
मिलकर जीने का नाम है जिंदगी
बिछड़ने का नाम है जिंदगी
फिर मिल जाने का नाम भी है जिंदगी
प्यारी सी मुस्कान है यह जिंदगी
खुद में जीने का नाम है जिंदगी
रूठे हुए को मनाना है जिंदगी
किसी अपने से रूठ जाना भी है जिंदगी
इंतज़ार भी है जिंदगी
अधूरी प्यास है जिंदगी
सहलाती हुई माथे पर हाथ रखती माँ है यह जिंदगी
माँ का आँचल है जिंदगी
पिता की डांट का नाम है जिंदगी
खुदसे प्यार करने का नाम है जिंदगी
मैं से मैं मिल जाना है जिंदगी
तुम और मैं को खत्म कर देना है जिंदगी
जिंदगी एक कविता की भांति ही है बस इस जिंदगी को उसी तरह से जिओ
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