मुकम्मल ना सही तो अधूरा ही रहने दे,ऐ सितमगर….
ये इश्क है कोई मकसद तो नही….
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असंभव को संभव
असंभव को संभव करना ही बहुत अच्छा लगता है ओर यह बात बिल्कुल खरी है की जब प्रयत्न किया जाए तो हर असंभव चीज संभव परिणामों से के साथ या जाती है इसलिए लगातार प्रयतन करना चाहिए ,
जिंदगी इसी को कहते है हमेशा लगता हे असम्भव,
जब तक कार्य हो नही जाता सम्पन्न ….
असम्भव बदल जाता हो जाता सम्भव,
जब कार्य को लेते जेसे बीता बचपन ॥
क़ार्य को माने बच्चा ,
ओर उसके साथ खेले ।
खेल खेल में कार्य को
सही दिशा में धकेले ॥
हम जब तक किसी भी कार्य की शुरुआत नहीं करते हमे उसके बारे में पता ही नहीं लगता, और वो कार्य कठिन भी बहुत है लगता है, इसलिए किसी भी को कठिन ना समझे बस शुरुआत करके के देखे जब तक शुरुआत नहीं होगी कोई परिणाम नहीं निकलेगा ओर वह कार्य भी असम्भव ही लगेगा , यदि कार्य को करने से पहले ही हार मान लोगे, तो सफलता कैसे मिलेगी इसलिए कोई भी कार्य असम्भव नहीं है बस उसकी शुरुआत जरूरी है। तभी असंभव को संभव किया जा सकता है।
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हँस कर बुलाया
मैं कुछ लिखना चाहू
मन के इन सदृश पन्नों पर मैं कुछ लिखना चाहू
मन भीतर की कल्पनाओ से
इस जीवन को जैसा चाहू वैसा मैं बनाऊ
इस मन को
इस मन को
जीवन की
उधेड़ बुन में
मैं ना उलझाऊ – मैं ना उलझाउ
मन अलग अलग राहों में उलझे
कैसे मैं इसको सुलझाऊ
मन भीतर
मन भीतर
मन भीतर करे राग द्वेष
तन बैरी हो जाए
इच्छाओ का लगाके मेला
इस तन को खूब नाच नचाए
जगत के इन दृश्यों में
यह मन अटक बार बार जाए
जगत जाल में यह तन फँसता जाए
अरे मेरा तन बैरी हो जाए
यह तन बैरी हो जाए
मन के इन सदृश पन्नों पर मैं कुछ लिखना चाहू
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कुछ बेहतर
कुछ बेहतर जो होता हे सिर्फ़ ऑर सिर्फ़ वो एक खूबी वो सदा ही अच्छा….
न जाइए वहाँ जहां आपको किया जाता सहन स्वयं की दो ऐसी शिक्षा…
जाइए वहाँ जहाँ आपका जाना ही उत्सव….
मेला उत्साह उल्लास का हो जाए सब सम्भव।
तारीफ में क्या लिखू
तेरी खूबसूरती की तारीफ में क्या लिखू ,
कुछ खूबसूरत शब्दों की अभी तलाश है मुझे

2) अर्ज़ किया है
उनकी तारीफ कैसे करू ?
मेरे शब्दों को ही उन्होंने अपनी
खूबसूरती से निशब्द किया है।
3) उन्होंने आज इजाज़त है दी हमको कुछ बयान करने की
ए मेरे दिल खुल कर तारीफ कर उनकी ये जो तस्वीर उन्होंने लगाई है इसमें उन्होंने अपनी खूबसूरती एक झलक दिखाई है।
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तू तब तक रुला
कुछ इश्क भी था
कुछ इश्क भी था
कुछ इश्क की बाते
कुछ बेसब्र थी जिंदगी
तो कुछ बेसब्र उनसे मुलाकाते
बस सफर यू ही कटने को था
रह गई मेरी अधूरी यादे ,
कुछ इश्क भी था ,
कुछ इश्क की बाते , उन बातों संग कुछ मुलाकते
उन यादों का सिलसिला
कुछ दूर तक ओर चला , बस मैं
जिंदगी का दौर खत्म हुआ
अब
मौत के साथ मेरी गुफ्तगू हो गई
कौन है ये लोग ?
कहा से आते है ये लोग ? कौन है ये लोग जो रोज उटट पटाँग हरकते करते है लेकिन फिर भी इनको कुछ समझ नहीं आता बस ये तो अपनी फिकर करते है दुनिया को पागल समझते है,
मेट्रो में कुछ लोग सफर करते है खाते है पीते ओर अपना कूड़ा कचरा वही छोड़ जाते है साफ सफाई का ध्यान नहीं रखते, उन्हे अपनी जिम्मेदारी का कोई एहसास नहीं है क्या वो अपने घरों में भी ऐसा ही करते है नया जाने कौन सी शिक्षा वो ग्रहण कर रहे है अपनी जिम्मेदारियों से दूर भाग रहे है
क्या ये लोग जेन्डर स्पिसिफिक या फिर महिलाये और पुरुष दोनों को कहा जा सकता है ?
आज शुक्रवार दिनांक 16-12-2022 जब में दुकान से आ रहा था तो मेट्रो भारी हुई थी ओर में आज जो मेट्रो वृद्ध वाली सीट रिजर्व होती है उस जगह जाकर खड़ा हो गया तभी मेरे कानों ने कुछ बाते सुनी
आज मैंने दो बुजुर्ग व्यक्तियों को आपस में बाते करते हुए सुन की लड़किया हमारी सीट पर जाती फिर उठने का नाम ही नहीं लेती और यदि हम महिलाओ की सीट की बैठ पर जाते है तो तुरंत ही उठा देती है फिर उम्र का लिहाज भी नहीं करती है नया जाने ये कैसा समय आ गया है बिल्कुल भी शर्म नहीं बची है आजकल के बच्चों में की कोई बुजुर्ग उनके सामने खड़ा हुआ है ओर वो अपनी सीट छोड़कर उठते नहीं साथ ही यदि उनकी सीट पर बैठ जाओ तो वह वह से उठा देती है
कौन है ये लोग ? सवाल पूछिए इन लोगों की ऐसा क्यू करते हो भाई
आज कल लोगों में एक नई परतिस्पर्धा भी देखने को मिलती है हॉर्न बजने की लोग हॉर्न बहुत जोर जोर से बजाते है और नया जाने कैसे कैसे हॉर्न अपनी गाड़ियों में लगवाते है, बिना सोचे समझे ये लोग सिर्फ हॉर्न बजते है बिना मतलब के जैसे की कोई इनके बस सामने नया आए इनको पूरा रास्ता खाली मिले भाई साहब गाड़ी रोड पर चल रहे हो आसमान में नहीं लेकिन अब ये बात इनको कौन समझाए और कैसे ?
न जाने कौन है ये लोग जो गॅलिओ को हाइवे और हाइवे को गली बना लेते है स्कूटर ओर बाइक वाले लोग गली में ऐसे गाड़ी चलते है जैसे हाइवे पर चल रहे हो और हाइवे या रोड पर पहुचते ही ये साइड में चलाने लग जाते है तब इनकी हक्कड़ी सब खतम हो जाती है फेर भूल जाते है गाड़ी चलाना ?
कौन है वो लोग ?
हम सभी में से है वो कुछ लोग जो ऐसी हरकते है और बिना सोचे समझे ये सारी हरकते करते ही जाते है!
अनुपम खेर
अनुपम खेर की अगली मूवी कौनसी है ?
अनुपम खेर की आने वाली फिल्म जिसका नाम यह है Shiv Shastri Bolboa
इस फिल्म की चर्चा खूब होने लगी है जैसा की आप जानते है अभिनेता अनुपम खेर जिनकी उम्र 67 है इस फिल्म के पोस्टर में दर्शा रहे है की वह एक रेस्लर है ओर जैसा की मैं पिछले काफी समय से उनको फॉलो भी कर रहा हूँ वह अपनी बॉडी पर काफी ध्यान दे रहे थे अब समझ आया की वह इस फिल्म के लिए अपनी बॉडी को बना रहे थे बहुत अच्छे लग रहे है इस उम्र आकार उन्होंने जितनी बॉडी बनाई वो काबिले तारीफ है अनुपम खेर सर ने यह सच कर दिखाया की “उम्र सिर्फ आकडा है”
उम्मीद नहीं थी की इतनी अच्छी बॉडी वो बनाएंगे साथ ही कुछ ट्वीट में देखा गया अभिनेता अक्षय कुमार ने भी जवाब दिया बॉडी बनाने को कहा था इतनी नहीं।
बात हुई उनकी बॉडी की और अब फिल्म की बात भी कर लेते है साथ ही दोस्तों यह फिल्म 10 फरवरी को सभी सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है उनकी फिल्म से ज्यादा चर्चा उनकी बॉडी की हो रही है अनुपम खेर के ट्वीट में लिखा है मेरी अगली फिल्म रिलीज होने वाली है का नाम है Shiv Shastri Bolboa ये एक साधारण इंसान के असाधारण व्यक्तित्व की कहानी है ये आपको हसने के साथ साथ आपके दिल में एक खूबसूरत भवन भी जगाएगी आत्मविश्वास की releasing on 10th Fabuary only in theater ! जय हो
उम्मीद करते है यह फिल्म बहुत जबरदस्त होगी अभी हाल ही में इनकी एक ओर फिल्म आई थी जो इनकी अमिताभ बच्चन ओर बोमन ईरानी व नीना गुप्ता के साथ थी ओर यह फिल्म भी हिट हुई यदि आपने अभी तक उचाई फिल्म नहीं देखी तो आपको वो फिल्म भी देखनी चाहिए बहुत अच्छी फिल्म है।
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