जिंदगी तेरे बिना – एक एहसास जिंदगी के रिश्तों का असरजिंदगी कई बार अपने आप में अधूरी सी लगती है।कभी यह शांत होती है, कभी बेचैन।कभी लगता है कि सब कुछ है, और कभी ऐसा लगता है जैसे कुछ भी नहीं। असल में जिंदगी का रंग बहुत हद तक उन लोगों से जुड़ा होता है जो हमारे साथ होते हैं।जब कोई अपना पास होता है तो वही जिंदगी मुस्कुराने लगती है, और जब वह दूर चला जाता है तो वही जिंदगी भारी और उदास महसूस होने लगती है। इसी एहसास को शब्दों में कुछ इस तरह महसूस किया जा सकता है।
जिंदगी तेरे बिना कुछ ऐसी है और कुछ वैसी है जिंदगी,
और जब तू साथ है तो लगता है कि कुछ है जिंदगी।
हाल क्या बताऊँ,
कुछ हाल ऐसा है, कुछ हाल वैसा है,
बस मसक्कत से भरी है जिंदगी।
जब तू दूर जाती है तो रूठ जाती है जिंदगी,
तू पास आती है तो मुस्कुराती और खिलखिलाती भी खूब है ये जिंदगी।
गम ए छुपाए नहीं छुपता,
लगता है बेमुरम्मत सी है जिंदगी।
आंसुओं से आँखें भर जाती हैं
जब तू इन आँखों से दूर चली जाती है।
चिरागे रोशन तू कर जाती है
जब तू फिर से पास आती है।
ना जाने क्यों
जिंदगी तेरे बिना बेतहाशा बेहाल सी है जिंदगी,
लगता है कुछ फटेहाल सी है जिंदगी।
लेकिन जब तू पास होती है
तो कमाल सी है जिंदगी,
ना जाने क्या क्या करती धमाल सी है ये जिंदगी।
इसलिए तू दूर जाना मत मुझे छोड़ कर,
वरना लगेगी दुर्भर सी ये जिंदगी।
अगर तू पास है
तो हर हाल में मस्त है ये जिंदगी,
तू साथ है इसलिए जबरदस्त भी है ये जिंदगी।
कुछ हाल ऐसा है, कुछ हाल वैसा है,
जिंदगी तेरे बिना कुछ ऐसी है, कुछ वैसी है जिंदगी।
— Rohit Shabd
रिश्तों से बदलती है जिंदगी
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