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बचपन के दिन

मेरे जो बचपन के दिन थे, कुछ अजीब तो कुछ कमाल ही थे, जैसे पढ़ाई से जी चुराया मैं करता था, स्कूल ना जाने के कितने ही बहाने बनाया करता था , बचपन से ही मुझे ये बात समझ आ गई थी की मेरा पढ़ाई में मन नहीं लगता ओर शायद मैं उतना पढ़ भी नहीं पाउ, लेकिन पढ़ाई करने के अलावा उस समय कुछ ओर समझ भी नहीं आता था, की नहीं पढ़ेंगे तो क्या करेंगे।

बचपन से ही एक सवाल जिसने मेरा पीछा नहीं छोड़ा उस सवाल का जवाब लगातार ढूंढता रहा, मैं हर जगह चाहे वो निर्जीव हो या सजीव लेकिन मैं उस सवाल को सबसे पूछता था, कि कोई तो होगा जो मुझे मेरे सवाल का जवाब देगा, सवाल पूछने की आदत थी मेरे अंदर लेकिन मुझे अपने सवाल दूसरों से पूछने में डर लगता था, पता नहीं क्या सोचेंगे , कुछ बोल न दे कही मारेंगे तो नहीं कच पूछने पर , मेरी हंसी तो नहीं उड़ाई जाएगी यदि मैं ऐसे सवाल पूछूँगा तो बस इसलिए मैंने किसी से अपने सवाल नहीं पूछे, खुद से सवाल करता था मैं , मुझे उस समय जवाब नहीं मिलते थे ओर मिल भी जाते होंगे तो मुझे जल्द समझ नहीं आते थे क्युकी वो बचपन के दिन ही थे।

जिस तरह मुझे गणित बिल्कुल पसंद नही थी और समझ भी नही आती थी, टीचर तो अच्छा पढ़ते थे क्युकी सभी बच्चों को समझ आती थी लेकिन मेरे दिमाग में गणित कभी घुस नहीं पाती थी, मुझे दुबारा पूछने में डर लगता था, इसलिए नहीं पूछता था, बस उस गणित से ज्यादा अच्छी मुझे अपनी जिंदगी ही लगती थी, बस जिंदगी को समझू यही हमेसा अच्छा लगता था।

कभी वृत का गोल, लंबाई – उचाई , गुना भाग , जोड़- घटा , Permutation, Combination, Probability, कभी समझ ही नही आती थी, लेकिन जिंदगी की सारी गुना भाग पल भर में समझ आ जाती थी और इसको समझने और सीखने में जो मजा आता था वो मुझे गणित में कभी समझ नही आया।

अपने विचारो को अपने ऊपर हावी होने दे रहे हो ? किस तरह से आपके विचार आ रहे है ? किस और से आ रहे है ? आप क्रोधित हो फिर भी आपने विचारों को सजगता से देख रहे हो यह भी एक प्रकार का मनन है चिंतन है हमारे विचारो में द्वंद्व है लेकिन कब तक भागेंगे एक दूसरे के विपरीत यह विचार एक समय तो आएगा जब यह दोनों एकमत होंगे दोनो कब तक विपरीत दिशा में भागेंगे किसी ना किसी अंतिम छोर पर टकरा कर वापिस आ ही जाएंगे।

बड़ों का आशीर्वाद

बड़ों का आशीर्वाद
उनकी दी हुई शुभकामनाएँ,
वो कोई रंग लिए नही होती……..
समझने की बात,
आशीर्वाद के फूल खिलते,
शुभकामनाये उन्नति लाती,
दसो दिशाओं में सतरंगी छटा छा जाती ॥

बड़ों का आशीर्वाद, है सर्वोच्च वरदान,
जीवन को सुन्दरता और खुशियों का अद्भुत विस्तार।
उनकी दी हुई शुभकामनाएँ, अनमोल हैं सदैव,
मार्गदर्शन करती हैं, जीवन की आगे की यात्रा।

वो कोई रंग लिए नहीं होती, यह विशेष विशेषण है,
बल्कि प्रेम और समझ का गहना, जो सदैव है साथ।
उनके वचन अमृत समान हैं, जीवन को आनंदित करते,
बड़ों की माधुर्य पूरे जीवन को गुलज़ार बनाते।

समझने की बात, ज्ञान की अपार देन है,
बड़े जनों का आशीर्वाद सर्वोपरि शिक्षा है।
जीवन में अभिशाप को बदलते, आशीर्वाद की बौछार,
खुशहाली और सफलता के रास्ते हैं ज्योतिषार।

आशीर्वाद के फूल खिलते, प्रेम और आदर की बरसात,
जीवन का आधार, उनकी ममता के साथ।
बड़े जनों का आशीर्वाद अनमोल वरदान है,
जीवन को समृद्धि और सुख से भर देता निधान।

हमारे बड़ों का आशीर्वाद हमारे लिए बहुत जरूरी होता है, उनका आशीर्वाद हमे बहुत सारी मुसीबतों से बचाता है, उनकी बाते हमे सही राह पर चलने को प्रेरित करती है, और अच्छे कार्यों में लगे रहने के उत्साहित करती है, उनका अनुभव हमारे जीवन का मार्गदर्शन करता है।

बड़ों का आशीर्वाद होना हमारे जीवन में बहुत ही महतवपूर्ण है, उनकी शिक्षा पर चलकर ही सफल होते है, हम अपने रास्ते नहीं भटकते जब हमारे सर पर उनका आशीर्वाद होता है।

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वक्त का तराजू

कुछ प्रेमी हो गए वो वक्त का तराजू से बाहर…..
न बता पाएगी वक्त मशीन अब उनका कितना होता उनका भार ।
अब उनको यादों के तराज़ू में उनका भार तोलता हूँ……
जहाँ भी रहे खुश रहे ,पलड़ा सुख का भारी रहे प्रभु से यही माँगता हूँ ॥

कुछ प्रेमी हो गए वो वक्त का तराजू से बाहर,
न बता पाएगी वक्त मशीन अब उनका कितना होता उनका भार।
अब उनको यादों के तराज़ू में,
जब तकरीरें और हंसी की चिराग जलते हैं।

वक्त की पटरी पर उनकी मुस्कान चमकती है,
जैसे वो अभी भी यहाँ हों, नए दिन मनाते हैं।
पर सच्चाई ये है, कि वक्त की लम्बाई नहीं होती,
जब ये अनमोल पल भी धीरे-धीरे बितते हैं।

यादों के तराज़ू में उनकी मुहब्बत का भार होता है,
हर बार जब यादें उनका ध्यान दिलाती हैं।
चाहे वो दिल तोड़े या अपने साथ ले जाएं,
पर यादें हमेशा उनके होंगी, जब भी याद आती हैं।

वक्त की मशीन ज्ञात नहीं कर सकती,
कि कितना भारी होता है प्रेम का उनका भार।
पर ये यकीनन है, कि जब वो हमारे साथ होते हैं,
दुनिया की सारी खुशियाँ अपने साथ लाते हैं।

यादों के तराज़ू में हमेशा सच्चाई होती है,
प्रेम का महत्व और उसका भार समझाती है।
जब भी मन हो उनको याद करने का,
यादों के तराज़ू में प्रेम बहुमूल्य बन जाती है।

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खुशी से पीठ थपकना

खुशी से पीठ थपकना
प्रशंसा भी प्रेरणा ।
नए कार्य की सहारना…..
प्रशंसा करके उसे निखारना ।

उत्साह को सही राह देना …..
प्रशंसा भी प्रेरणा ।
उत्साही का उत्साह संवर्धन…..
प्रशंसा का खर्च करे धन ॥

खुशी से पीठ थपकन,
हर्षित होकर आनन्दित होना।
जीवन के रंगों में रंगना,
प्रशंसा से प्रेरित होना।

जब संघर्ष के बाद सफलता मिले,
खुशी की लहरें मन को भरे।
प्रशंसा जब मिले उसके द्वारा,
मन में नई उमंग जगाए।

जीवन के सभी रास्ते अजनबी हों,
नए कार्य की सहारा बने।
प्रशंसा और प्रेरणा का साथ हों,
हर चुनौती को हम समझे।

खुशी से पीठ थपकन,
प्रशंसा भी प्रेरणा।
नए कार्य की सहारना,
हमेशा बने हमारा मंत्र।

चलें आगे उठें हर दिन,
नई उचाईयों को छूने।
जीवन के सभी सफर में,
संगीत गाते जीने।

खुशी को बांधे हाथों में,
प्रशंसा का फूल सजाए।
नए कार्य की ओर बढ़ते हुए,
हम खुशहाली का गान गाएं।

चलें आगे, बढ़ें हर दिन,
नई ऊंचाइयों को छूने।
सपनों को साकार करें,
नव आशाओं को बुनने।।

हर मुश्किल को पार करें,
हिम्मत को साथी जाने।
चलो जलाएं दीप नया,
जो हर तम को हराने।।

राहों में हों कितने काँटे,
हमें न रुकना, न थकना।
संग हो विश्वास अपना,
हर डर को साहस से चखना।।

कदम-कदम पर सीखें कुछ,
हर पल को उत्सव माने।
सपनों के इस नील गगन को,
अपने हाथों से सजाने।।

चलें आगे, बढ़ें हर दिन,
नई ऊंचाइयों को छूने।
जीवन के इस सुंदर सफर में,
हर क्षण को खुशी से चुनने।।

खुशी से पीठ थपकना,
प्रशंसा भी प्रेरणा।
नए कार्य की सहारना,
हमेशा बने हमारा मंत्र।

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अलग अलग आभा

हर व्यक्ति की अलग अलग आभा,
कोई चंदन समान कोई नीम समान…..
ये रंग जीवन के स्वाद प्रयोग अलग,
ज़रूरते अलग , न बन तू अनजान ।

कोई व्यक्ति किसी कार्य में निपुण
सबका अपना अपना कार्य क्षेत्र….
जेसे भिन्न भिन्न होते सातों स्वर
ध्वनि ओर भिन्न होते सबके नेत्र ।

जहां सृजनशीलता की धूम होती है,
वहां कोई व्यक्ति निपुणता का अभियान चलाता है।
हर क्षेत्र में वो अपनी पहचान बनाता है,
कर्मठता से सबको प्रभावित करता है।

किसान खेतों में अपनी खेती करता है,
उन्हें अन्न के अभाव से बचाता है।
प्राणों की रक्षा करता है वन रक्षक,
उसका कार्यक्षेत्र वन और प्राणी सजात रखता है।

शिक्षक ज्ञान की झील बहाते हैं,
छात्रों के मन को रोशनी से भराते हैं।
वैज्ञानिक नए अविष्कार करते हैं,
प्रगति के मार्ग पर सबको ले जाते हैं।

चिकित्सक रोगी को स्वस्थ बनाते हैं,
सेवा का परमेश्वर रूप धारण करते हैं।
शिल्पी रंगों की दुनिया बनाते हैं,
सौंदर्य को स्वर्णिम रूप देते हैं।

वकील न्याय की प्रणाली संभालते हैं,
सत्य की जीत का उपहार देते हैं।
सैनिक देश की सुरक्षा में लगे रहते हैं,
वीरता का प्रतीक बने रहते हैं।

प्रतिभा के चमकते तारे व्यक्ति के काम में होते हैं,
हर क्षेत्र में वह निपुणता की सत्ता बनते हैं।
कोई भी कार्य पूर्ण बनाने में यथार्थता होती है,
सबका अपना-अपना कार्य क्षेत्र अद्वितीयता होती है।

हर व्यक्ति की अलग अलग आभा,
कोई चंदन समान कोई नीम समान…..

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जो जीवन बीत रहा

जो जीवन बीत रहा
अनमोल वचन

जो जीवन बीत रहा, सब अच्छा हे ……
जो चल रहा हे वो जीवन की कक्षा हे ।

कक्षा में अपना पाठ सही से करना याद,
कि सब अच्छा हे ……
सब सही करने की कोशिश सदा करते
रहना यही सच्ची शिक्षा हे।

जीवन की कक्षा में, हम सब साथ हैं,
चल रहे हैं हम, भाग्य के आगे हाथ हैं।
हर दिन नई सबक सीखें, ज्ञान की राह पर चलें,
अनुभवों के विश्व में, प्रगति की राह खोजें।

किताबों की पर्वत से ऊँचाईयों को छू लें,
जीवन के प्रश्नों के उत्तर, खुद ही ढूंढ लें।
मिटाएं अज्ञान की अँधेरी रातें,
ज्ञान के सूर्य के साथ उठें, जीने की ख्वाहिश लें।

गलतियों को स्वीकारें, सीखें उनसे सबक,
अनुभवों के द्वारा बढ़ें, बनें नये स्वयंश्रेष्ठ।
हर चरण पर आगे बढ़ें, करें नयी प्राथमिकता,
जीवन की कक्षा में आनंद से बिताएं हर पल विभुतिता।

यात्रा यह सुन्दर, जीवन की अनंत धारा,
कभी डगमगाएं, कभी नहीं थकें हारा।
सृजनशीलता से सजाएं, खुद को नवीन रूप दें,
जीवन की कक्षा में, खुद को सुंदरता से भरें।

हर मोड़ पर हैं सूरज के रंग के पंख,
विचारों की उड़ान से बदलें जीवन का दृष्टिकोण।
जीने का आनंद लें, सपनों को पंख दें,
जीवन की कक्षा में अपनी पहचान बनाएं।

जो जीवन बीत रहा, सब अच्छा है,
चल रहा है वो, जीवन की कक्षा है।
अपनी उड़ान भरें, सपनों को पाने की चाह है,
जीवन की कक्षा में बढ़ते जाएं, खुद को समर्पित करें पूरी तरह से।

कुछ इश्क की बाते

कुछ इश्क भी था कुछ इश्क की बाते  कुछ बेसब्र थी जिंदगी                            तो कुछ बेसब्र उनसे मुलाकाते , बस सफर यू ही कटने को था  रह गई मेरी अधूरी यादे

उन यादों का सिलसिला कुछ दूर तक ओर चला जिंदगी का दौर खत्म हुआ अब मौत के साथ मेरी गुफ्तगू हो गई

इश्क और कुछ इश्क की बाते, मेरे दिल की जुबान,
जैसे मधुर सुरीली आवाज, जो सुनता हर इंसान।

इश्क की लहरों में डूबा हुआ हूँ मैं,
खो गया खुद को उसके आगे, अब बस वही हूँ मैं।

प्यार की धड़कनों के संग, जीने का आनंद,
हर लम्हे में वो बसता है, मेरे मन के आँगन।

चाहत की राहों पर चलते, मिलते हैं हम,
हर मोड़ पर तोड़ते हैं हम, दरवाज़े जमाने के नियम।

इश्क का रंग छा गया है, मेरे हर लम्हे में,
दिल की धड़कनों को सजा दिया है, अपने एहसासों के नूर से।

जब वो मेरे पास होती है, तो सब भूल जाता हूँ,
वो मेरी नज़रों में बसती है, जैसे ख्वाबों में कोई कहानी।

इश्क की बातें बहुत हैं, कहने को बेशुमार,
पर जब उसके साथ होता हूँ, वो भी बेमिसाल है यार।

इश्क और इश्क की बातें, अनंत हैं और अमर,
इस खुबसूरत रिश्ते का, है मेरे दिल में अद्वितीय अद्यात्म।

अधिक नहीं चाहिए

जो होता हे सही ही होता हे,
बहुत अधिक नहीं चाहिए
प्रसन्नता के लिए…..

जो चाहिए वो भीतर व्याप्त,
थोड़ी सोच बदलने से प्रज्वलित
होंगे प्रसन्नता के दीये ।

जो होता है सही ही होता है,
यह सत्यता हमेशा सच्ची होती है।
क्योंकि हमें जीवन यही सिखाता है,
जीने का अद्भुत तरीका बताता है।

खुश रहने के लिए बहुत नहीं चाहिए,
संतुष्टि के साथ अपना मन बहलाना चाहिए।
सुख और समृद्धि की तलाश में न भटकें,
जीवन की सरलता को समझना चाहिए।

खोजो नहीं बाहरी जगत को,
अपनी आंतरिक सौंदर्य को पहचानो।
ज्ञान की चोटी पर ऊँचाइयों को छूनें,
अपने अस्तित्व को गहराई से महसूस करो।

हर एक पल को आनंद से जियो,
खुश रहने के लिए कारण ढूंढो।
जिंदगी के रंगों को ख़ुद चुनो,
प्रसन्नता के लिए अपने मन को टूटों।

जो होता है सही ही होता है, बहुत अधिक नहीं चाहिए
प्रसन्नता उसी को मिलती है। जिसके मन में संतोष है

खुश रहने की कला सीखें,
जीवन को खुशहाली से जीना सीखें।

खवाइसे

खवाइसे तो बहुत बड़ी है जिंदगी मे उनको पूरा करू कैसे? बस इतनी सी जिंदगी है खवाइसो को पूरा करने के चक्कर मे फसु कैसे मैं बिन खवाइसो के रहु भी तो कैसे

जिंदगी के ख्वाबों को पूरा करने की खातिर,
संवेदनशीलता और व्यापारिकता दोनों हैं जरूरी।
ख्वाहिशों के पीछे दौड़ो निरंतर,
बिना खवाइसों के भी जीने का सबको आदेश।

जीवन के पथ पर कठिनाइयाँ होंगी,
पर तू ना डर, ना हार मानेगी।
अपने सपनों को पीछे ना छोड़ो,
खुद को नये उचाईयों पर ले जोड़ो।

जिंदगी की महक उड़ान भरेगी तब,
जब तू नई मंजिलों के दरवाजे खोलेगी।
बाधाओं से संघर्ष कर, आगे बढ़,
खवाइसों को तू जीवन में समाधान बना।

ज़िंदगी छोटी सी है, ये सच है ध्यान रख,
पर जीने का मजा है ख्वाहिशों को सच करके।
खुद को पहचान और अपना रवैया बना,
बस फिर देख, खवाइसे खुद ही पूरी हो जाएंगी जब तू जीवन में अच्छाई ला जाएगी साथ।

खता हो गई

खता हो गई तो फिर सज़ा सुना दो दिल में इतना,
दर्द क्यूँ है वजह बता दो, इस दिल को राहत दिला दो।

जिंदगी के सफर में कभी-कभी हम गलतियाँ कर जाते हैं,
खुद से और दूसरों से गलत आश्वासन पाते हैं।
प्यार और विश्वास के क्षणों में हो जाती है ये भूल,
फिर इसे सुधारने का इरादा करते हैं हम सब।

पर दिल में जब दर्द बस जाता है बेवजह,
तो क्या कहें, कैसे समझाएँ वो अहसास महका दो।
इंसान होते हैं खामोश कुछ तो बात कर दो,
हालात को समझाने का मौका दे दो।

वक़्त के साथ चलने की कला ये सिखा दो,
गलती से जुदा हो गए तो भी राहत दिला दो।
हमसे भी तो बड़ी होती हैं गलतियाँ अक्सर,
क्षमा के फ़साने में सद्भाव समा दो।

खता हो गयी तो फिर सज़ा सुना दो दिल में इतना,
दर्द क्यूँ है वजह बता दो, इस दिल को राहत दिला दो।
बस, एक मौका दो हमें फिर से सुधारने का,
प्यार और माफ़ी की कहानी को फिर से बना दो।

खता हो गई तो फिर
खता हो गई

खता हो गई तो फिर
सज़ा सुना दो दिल में इतना
दर्द क्यूँ है वजह बता दो

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