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इश्क की चर्चा

इश्क की चर्चा होती है,
हर शख्स दिल में रखता है।
प्यार की बातें करते हैं सभी,
मगर इसे समझना नहीं जानते हैं।

इश्क एक ऐसी जादुई छवि है,
जो दिल को चूमती है।
इसके आगे सब कुछ फीका पड़ जाता है,
ये महसूस करने वालों को ही पता होता है।

इश्क में जीवन की हर चीज मिलती है,
प्यार की आँधी में दिल कुछ ऐसा बेहकता है।
अपना सब कुछ खो देने का डर होता है,
पर खुशियों के साथ खुशियों को जीते हुए देखने का अनुभव कुछ और होता है।

इश्क की चर्चा जब होती है,
तो दिल में एक हलचल सी उत्पन्न होती है।
जैसे कुछ बदला है दुनिया में,
उससे ज्यादा बदलता है दिल इश्क के नजरिए से देखता हुआ।

इश्क की बात पर अब खत्म करते हैं,
ये जादुई छवि हमेशा रहेगी दिल में बसी।
जब भी इश्क की बात होगी,
दिल उठ उठकर बोलेगा, जी हाँ, इश्क है ज़िन्दगी में सबसे खुशनुमा चीज़ीं में से एक।

ढूँढता ही रहा

ढूँढता ही रहा जिंदगी को ना जाने कहाँ काहाँ

ए ख्वाब जिंदगी तू इतनी हसीन क्यों बस थोड़ी बहुत नमकीन हो ,

मेरी जिंदगी इस कद्र रह की भरपूर सुकून हो।

ढूँढता ही रहा उस ठिकाने को बस जिसकी तलाश में निकल चल था मैं
ढूँढता ही रहा

जिंदगी को समझने

बड़ी कोशिश है जिंदगी को समझने की इस जिंदगी से कुछ रूबरू होने की इस जिंदगी को मैं समझता लेकिन फिर भी समझ से पार हो जाती है जिंदगी लेकिन समझ नही आती है जिंदगी कही दूर निकल जाती है फिर लौटकर भी नही आती है यह जिंदगी

जिंदगी को समझना चाहता हूँ लेकिन समझ नहीं पाता लगता है, अभी नादान हूँ मैं छोटा अबोध बालक हूँ मैं, यह जिंदगी बहुत बड़ी है जो मेरी सोच से बहुत परे है। इसको समझने में, मैं अभी असमर्थ हूँ।

इश्क भर की बाते

इश्क भर की बाते

वो चंद मुलाकाते

हर रोज पैगाम लिख भेजती थी

मुझे उनकी यादे

वो ख्वाब मंजिलों सी

वो ख्वाब मंजिलों सी दूर हो गई, यह जिंदगी अब जिंदगी सी मजबूर हो गई इस जिंदगी के ख्यालों में कही ओर जिंदगी हो गई , क्या जिंदगी है ख्वाब सी जो ये मजबूर हो गई इस जिंदगी के जख्म इतने गहरे के ये नासूर हो गई , संभालो इसे यह जिंदगी अब मरने को मजबूर हो गई.

हर रोज बेहतर होना है

हर रोज बेहतर होना है, उस बेहतर होने की तैयारी करनी है

हर रोज बेहतर होने के लिए कुछ न कुछ करना है

एक नई चीज रोज करनी है

कुछ नया सीखना है,

कुछ अलग करने की चाह इस मन में है, जो फिर से करना है

जिस चीज को आप बचपन में बड़े मन से करते है उसको फिर से करो

जो आप सीखना चाहते थे बचपन में उसे फिर से सीखो

कुछ दुबारा करो , कुछ नया करो

कुछ पहली बार करो, तो कुछ बार बार करो

रोज किताबे पढ़ो खुद को बेहतर करने के लिए

स्वयं को सुधारों आने वाले कल के लिए, अपने शब्दों को सुधारों 

हर रोज बेहतर होना है।

यह भी पढे: लोग बदल जाते है, कल की तैयारी, तैयारी करो, नए साल की तैयारी, मंजिल की तरफ,

सम्पूर्ण ब्रह्मांड

सम्पूर्ण ब्रह्मांड एक साथ जुड़ा हुआ है, यह कही से भी अलग नहीं है ,हमारा ब्रह्मांड सम्पूर्ण रूप से जुड़ा हुआ है, जो तिनका मात्र भी अलग नहीं है।

ब्रह्मांड किस तरह से जुड़ा हुआ है : ब्रह्मांड हमारे शब्दों की ध्वनि के रूप में जुड़ा हुआ है जो ध्वनि इस ब्रह्मांड में चर विचर रही है वही इस सम्पूर्ण ब्रह्मांड को जोड़े हुए है।

सफर कितना बेहतर है

सफर कितना बेहतर है इस जीवन का बस इस सफर को देख जिए जा रहा हूँ। इस जीवन का सफर कितना बेहतर ओर आनंददायक है, बस यही एक विचार मेरे मन को हर्षित कर देता है, लगता है सभी सुख इस पृथ्वी पर है, ओर कही नहीं हम सभी यहाँ किसी कारण से आए है परंतु मुझे जो लगता है।

एक मुख्यत कारण है आनंद जिसे हम सभी अनुभूत करने के लिए इस जीवन रूपी संसार में आए है, उस जीवन का आनंद हमे लेना है।

मंजिले है ख्वाब सी

मंजिले है ख्वाब सी वो ख्वाब दिखाए

उलफतों में ना जाने वो कौनसी बात बताए

बस ये उलफते बढ़ती जाए

ख्वाब जिंदगी के ना जाने

कैसे कैसे ये सजाए जिंदगी की उलझनो को ये बढ़ाए ,

ख्वाब कुछ दिखाए – ख्वाब कुछ दिखाए

जिन ख्वाबों को हम पूरा नहीं कर पाए

ये मंजिले ये मंजिले

इन मंजिलों को पाने के लिए

हम क्यों न चलते जाए-हम क्यों चलते न जाए

ये मंजिले हासिल करके हम क्यों ना दिखाए

हर राह इस जीवन की

क्यू ना आसान बनाए

हर मोड़ पर आती है मुश्किल

इन मुश्कलो को पीछे छोड़ हम आगे बढ़ चलते जाए

इस सफर को जिए ओर मंजिल को करीब हम लाए

ये मंजिले आसान कर हम दिखाए

डर क्यू रहे है आगे बढ़ने से

पीछे हट क्यों रहे आगे बढ़ने से

आगे बढ़ कर इस  सफर को  क्यों ना आसान हम बनाए

मंजिल को पाने की कोशिश हम करते जाए

पीछे मुड़ क्यों है देखना

आगे बढ़ कदम के साथ क्यों ना पीछे वाले कदम को साथ लेकर आए

ये मंजिले

क्यू ना हम पाए

कदम हमारे लड़खड़ाए

इन मंजिलों को करीब हम लाए

मंजिले ख्वाब सी एक हकीकत वो बन जाए

इन ख्वाबों को पूरा कर हम चलते जाए

ये हौसला कभी कम हो ना पाए

इन मंजिलों को पा कर ही हम रूके

मंजिले है ख्वाब सी ख्वाब पूरे हम कर दिखाए

हर रोज कुछ नया

हर रोज कुछ नया हो उस नए की तलाश में जिए जा रहा हूँ ,जीवन बहुत छोटा है, समय की बात है ये। इसी खुशी के साथ हर दिन मैं उठता हूँ,
जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मौकों की तलाश में।

हर रोज नए सपनों की तलाश में हूँ,
जो मेरे जीवन को नई दिशा दें।
जो मेरे जीवन को नए आकार दें,
जो मेरे जीवन को नई उमंग दें।

हर रोज नए अनुभवों की तलाश में हूँ,
जो मेरे जीवन को नई शक्ति दें।
जो मेरे जीवन रूढ़िवाद से मुक्त करें,
जो मेरे जीवन को नए दिशानिर्देश दें।

हर रोज मैं नई उमंगों की तलाश में हूँ,
जो मेरे जीवन को नया रूप दें।
जो मेरे जीवन को नया उत्साह दें,
जो मेरे जीवन को नयी दृष्टि दें।

हर दिन नए संभावनाओं की तलाश में हूँ,
जो मेरे जीवन को नई उड़ान दें।
जो मेरे जीवन को नई राह दिखाएं,
जो मेरे जीवन को नई नींव दें।

हर रोज कुछ नया हो उस नए की तलाश में,
जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मौकों की तलाश में।
जीवन के सफर में जब भी मैं रुकता हूँ,
मैं उस नए की तलाश में ही रहता हूँ।

हर रोज कुछ नया हो उस नए की तलाश में,
जीवन के सफ़र में नए रास्ते खोजते हुए।
जिस दिन बिना कुछ सीखे गुज़र जाता हूँ,
उस दिन का सफ़र बेकार माना जाता है।

हर सुबह उठते ही नयी उमंगों से भरा होता हूँ,
नए कामों की तलाश में अधिक सक्रिय बनते हुए।
जीवन के उतार-चढ़ावों में अपने आप से दोस्ती करता हूँ,
और नए स्वप्नों की तलाश में आगे बढ़ता हूँ।

हर रोज एक नया दौर शुरू करता हूँ,
नए साथियों की तलाश में आगे बढ़ता हुआ।
जीवन के साथ चलते हुए नए संघर्षों से लड़ता हूँ,
और अपने आप से नयी उंगलियों की तलाश में हुआ।

हर रोज जीवन के नए सारे रंगों को अपनाता हूँ,
नए अनुभवों की तलाश में नयी जिज्ञासा के साथ।
जीवन के प्रत्येक क्षण को अपने अंतर्दृष्टि से जोड़ता हूँ,
और खुशियों की तलाश में सदैव आगे बढ़ता हूँ।

हर रोज एक नया सपना देखता हूँ,
नए उद्देश्यों की तलाश में आगे बढ़ता हुआ।
जीवन की इस अनंत यात्रा में नए उलझनों से लड़ता हूँ,
और एक नए दिन की तलाश में सदैव आगे बढ़ता हूँ।