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यू लाइक सैम्पल पेपर

यू लाइक सैम्पल पेपर एक लंबे समय से हम सबकी पहली पसंद रही है क्युकी इसमे अभी तक कोई गलती नहीं देखा गई , भाषा बहुत ही उत्तम है और बहुत ही साधारण शब्दो में समझाया गया है, जिससे की सभी को समझ में आ जाए, चाहे वो बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ते हो या फिर किसी प्राइवेट स्कूल में ये सभी के लिए समान काम करता है।

यू लाइक हमेशा से ही बेहतरीन प्रश्नों को छटकर लता है इसमे वो चुनिंदा प्रश्न होते है जो अधिकतर इग्ज़ैम में देखे गए है। और कई बार तो जो हम पढ़ते है वही प्रश्न इग्ज़ैम में आ जाते है जिसकी वजह से भी यू लाइक सैम्पल पेपर बच्चों की पहली पसंद बन जाता है, यू लाइक पब्लिशर इस बात का दावा नहीं करते की इसी में से प्रश्न आएंगे परंतु परीक्षा में आने वाले प्रश्न अधिकांश यू लाइक में से देखे गए है जिसकी अजह से बच्चे यू लाइक ही लेना पसंद करते है।

हर एक चैप्टर को अच्छे से समझाया गया है इसमे लघु, अति लघु , लंबे , पैराग्राफ, आदि सभी प्रकार से इसमे प्रश्न उत्तर दिए ओर साथ ही साथ एनसीईआरटी के प्रश्न और उत्तर भी इसमे दिए हुए है।

एक यू लाइक का सैम्पल पेपर किताब जैसा आता है ओर दूसरा जिसमे सिर्फ प्रैक्टिस के लिए कुछ पेपर सेट दिए जाते है जिनकी प्रैक्टिस करके छात्र को पेपर किस तरह से आता है, वो समझ में आ जाए ओर जब इग्ज़ैम हाल में छात्र पेपर देने के लिए बैठे तो उसे इस बात की समझ हो की पेपर किस तरह का ओर किस पैटर्न में आता है इस बात को सैम्पल पेपर की सहायता से अच्छी तरह से समझाया गया होता है।

साथ पिछले वर्षों में जो प्रश्न आ चुके होते है उनका भी शामिल किया जाता है क्युकी वह प्रश्न बहुत ही महतवपूर्ण होते है, जिनका पेपर में आने की संभावना होती है।

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जीवन का मिश्रण

जीवन का मिश्रण हो थोड़ा-थोड़ा कुछ कुछ रोना तो फिर हो बहुत हँसना और सब बातों के लिए जो भी मिला है, उसके प्रति धन्यवाद का सदा भाव यही रहे जीवन खूबसूरत कहानी ।

जीवन में दुख एक सच्चाई है,
लेकिन कितना लेना है
हमपर जग के मनुष्यों ने यह बात सिखाई ।

खूब खूब हँसना जीवन की सुंदरता ….
सदा बहती रहे हँसने की सरिता ।

जो भी मिला इस जीवन में उसके प्रति स्वीकार तथा धन्यवाद का भाव ….
अपना रास्ता खोजिए पहुँचिये अपनी मंजिल की ओर
मंजिल तक खो जाएँगे सारे अभाव, सदा रहेंगे हम पूर्ण भाव में

जीवन का मिश्रण ऐसा होना चाहिए की सदा सुख ओर दुख की चिंता ना हो मन में और जीवन आज में अभी ही चलता रहे, ना कल की फिक्र हो और ना बीते हुए पर कोई गम सदा रहे मौज में बस यही तराना गुनगुनाए हम।

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मैं लिखता हूँ

मैं लिखता हूँ, जिसके लिए मैंने एक डोमेन ले रखा है ओर उसके साथ ही मैं सर्वर का इस्तेमाल भी करता हूँ, ओर मैंने वेबसाईट भी बनवाई है, अब जब मैं लिखता हूँ तो यह मेरा शोक है, मैं पैसा कमाने के लिए भी लिखने लगा, लेकीन मुझे उस तरह से लिखने में कोई अच्छा नहीं लगा कभी लिखना ओर कभी नहीं लिखना यही सब चलता है, जब तक लिखने का मन ना करे तब तक मज़ा नहीं आता लिखने का ओर फिर जब आप लिखते हो की लोगों को पसंद आए तो फिर आप अपने लिए लिखना छोड़ देते हो, मैं अपने शोक के लिए लिखता हूँ।

मुझे लिखना अच्छा लगता है इसलिए मैं लिखता हूँ किसी को मेरा लिखा हुआ पसंद आता है या नहीं इस बात के लिए नहीं लिखता बस मन के विचार पन्नों पर उतार देता हूँ।

अपने मन की बात को बस पन्नों पर उतार देना मेरे लिए बहुत सुकून की बात है मुझे लिखने के लिए पैसे की जरूरत नहीं है, लेकिन पैसा जीने के लिए जरूरी हो चुका है, बस इसी कारण से लिखने से कुछ पैसा मिले तो बेहद अच्छा था लेकिन ऐसा कुछ अभी तक नहीं हुआ, लेकिन संभवत आगे हो पाएगा इसी उम्मीद में इस तरह से काम करता रहूँगा, हाँ मैं लिखूँगा लेकिन अब सिर्फ अपनी मनपसंद से अब मैं उस तरह से नहीं लिख पाऊँगा जिसको लिखने से मैं पैसों के पीछे भागना शुरू करू ऐसा नहीं करना मुझे, मुझे सिर्फ लिखना है ओर वो भी दिल से, अपने विषय पर वैसे तो मैं किसी भी विषय पर लिखना शुरू कर देता हूँ, जब कुछ लिखने का मन करता है तो लिख लेता हूँ, जब नहीं करता तो बस वही रुक जाता हूँ।

लिखने ओर ना लिखने का सिलसिला बस यू ही चलता रहता है। कभी बहुत सारा लिख लेता हूँ तो कभी बस यू ही रुक जाता हूँ जब मैं कुछ भी नहीं लिख पाता हूँ।

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आपके फैसले

जब आप गिरने लगते हो तभी वो समय होता है, जब लोग आपकी काबिलियत पर भी शक करने लगते है और आपके फैसले पर भी, और उन लोगों को लगता है की यह कुछ नहीं कर सकता अपनी जिंदगी में, बस खुद को ओर दूसरों को बेवकूफ बना रहा है। यह व्यक्ति दूसरों को सलाह तो देता है,

परंतु खुद के लिए कुछ नहीं कर पाया, जब तक आप कुछ नहीं बनते तब तक लोग इसी तरह से आप पर ताने कसते है, और आपको हमेशा नीचा दिखाने की कोशिश करते है साथ यह साबित करने में लगे रहते है की आप किसी लायक नहीं है।

जब आप किसी भी दिशा में सफल नहीं हो रहे हो, तब आपको इसी प्रकार से बहुत सारी हिदायते मिलती है।

इसके साथ ही समय को खराब ही कर रहा है। इसी समय आपका विश्वास भी टूटने लगता है, और हो सकता है की आप अब कुछ गलत निर्णय ले लो लेकिन यही आपकी समझदारी का समय है।

लेकिन आपके लिए यही वो समय होता है जब आप दूसरों से मदद मांगे बिना ही कुछ बनकर, कुछ करके दिखाए, जिससे लोगों को आप गलत साबित कर पाए क्युकी यही वो समय है जब आप उनका दुगना भरोसा जीत सकते है, ओर यदि आप सफल नहीं होते जो लोग बचे है वो भी आपको धीरे धीरे छोड़ देंगे।

आपके फैसले आपको फर्श और अर्श पर रखते है, आपके जीवन के परिणाम आपके फैसले पर ही निर्भर करते है, जिस तरह के आप फैसले लेते है उसी तरह से आपका जीवन भी चलता है, आपके फैसले आपके जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले की बार सोचे जल्दबाजी में लिए गए फैसले भविष्य में बहुत क्षति करते है। इसलिए जब तक आपको अपने फैसलों पर पूरा भरोसा न हो तब तक कोई फैसला ना ले।

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विश्व पुस्तक मेला

विश्व पुस्तक मेला जहां हर साल हजारों लोग अपनी पुस्तकों की प्रदशनी करते है, हर बार की तरह यहां बहुत सारे प्रकाशन और व्यापारी इस पुस्तक मेले में अपनी पुस्तकों की प्रदर्शनी करते है।

जैसे जैसे हम डिजिटल युग की और बढ़ रहे है पढ़ने वाले की संख्या कम होती जा रही है, यह एक आम बात है और ऐसा होना निश्चित ही है, यदि हम समय के साथ स्वयं को नहीं बदलते तो समय ही हम एक दिन बदल देगा। और हम उस समय, समय के दौर से बाहर हो चुके होंगे।

फिर दुबारा उस स्थान पर फिट होना बहुत मुश्किल होगा इसलिए हमें समय के साथ साथ बदल ही जाना चाहिए।

जैसे ही यह आर्टिकल मैं लिख रहा था सामने एक अंकल बैठ कर बहुत पुरानी किताब ही पढ़ रहे थे टूटी दीवारें जिसका पब्लिशर मीरा पॉकेट बुक्स है। मन तो कर रहा था कि एक तस्वीर की जाए लेकिन बिना उनकी अनुमति कैसे तस्वीर लु बस यही सोचकर रुक गया वो मेरे बिल्कुल सामने वाली सीट पर बैठे थे, और उनको देख बहुत मेरे मन में प्रसन्नता थी जहां हम डिजिटल युग की बात करने जा रहे है वहीं किताबों को स्पर्श करने का आनंद ओर अनुभव कुछ और ही होता है जब आपके हाथों में किताब होती है और आप उसको पढ़ते है तो आप किताब में पूरी तरह से खो जाते है।

मैं अपने मन को रोक नहीं पाया और मैंने उनकी एक तस्वीर ले ही ली बिना चेहरे की।

आज मैं दिल्ली विश्व पुस्तक मेला लगा है जिसमे मैं जा रहा था जहां मैं पिछले 20 वर्षों से जा रहा हूं। बचपन से ही मुझे पुस्तकों से लगाव रहा है। मुझे लाखों किताबें एकसाथ देख ऐसा लगता है कि मैं उन सभी पुस्तकों को पढ़ रहा हूं।

एक किताब ही होती है जिसके साथ आप बहुत सारी बातें कर सकते हो अपने मन की, वो आपकी मनपसंद की बाते आपसे करती है।

आज मैंने विश्व पुस्तक मेले बहुत सारी किताबे देखी ओर अलग अलग जगह गया कुछ नई चीज़े तो कुछ पुरानी चीज़े भी देखने को मिली हर वर्ष हजारों किताबे छपती है, हर रोज एक नया लेखक भी आ जाता है, और बहुत तो पुराने लेखक ही किताबे लिखते रहते है।

सपना बुक हाउस
सपना बुक हाउस

दिल्ली की जनता

दिल्ली की जनता ने क्या देखकर वोट दिया, दिल्ली की जनता क्या बदलाव चाहती है, पिछले 10 साल से क्या काम किए है, आम आदमी पार्टी की सरकार ने और किन कामों के कारण दिल्ली की सरकार आम आदमी पार्टी को चुने।

दिल्ली की बसों में महिलाओ के लिए फ्री में सफर लेकिन आदमी बेचारा परेशान होता दिखता है, बस के इंतजार में, जो भी बस आती है वह पूरी तरह से महिलाओ से ही भारी हुई आती है।

महिलाओ को 2100रुपये में मिलेंगे यदि आम आदमी पार्टी की सरकार जीत जाती है तो।

हर महीने दिल्ली की सरकार 20,000 लीटर फ्री में देती है, क्या यह देखकर जनता आम आदमी पार्टी को वोट करे,

200 यूनिट बिजली फ्री है क्या यह देखकर वोट देना चाहिए।

दिल्ली की सरकार दिल्ली की जनता के लिए मोहल्ला क्लिनिक तो बनवाए, लेकिन बहुत सारी जगह सुचारु रूप से चलते नहीं है।

दिल्ली में जो नई बसे आनी थी उन्मे बहुत देरी करी, जो बहुत पहले ही आनी चाहिए थी, लेकिन बहुत देर में आई, चलो कोई बात नहीं लेकिन आई तो सही कुछ कुछ करके दिल्ली की सड़कों पर बस आई लेकिन अब भी ऐसी बहुत सारी जगह है जहां लोगों को 20-25 मिनट का इंतजार करना पड़ता है बस के लिए, जिसमे अभी तक कोई सुधार नहीं है।

दिल्ली की सड़कों का हाल क्या दिल्ली की जनता यह नहीं देखती, सड़कों का इतना बुरा हाल है, जो lockdown के समय में लिपा पोती हुई थी उसके बाद फिर कुछ नहीं हुआ, अब टूटी फूटी सड़कों पर वहाँ दौड़ रहे है, कही गड्ढे बड़े तो नहीं कही चोड़े हो रहे है लेकिन देखे कौन उनको दिल्ली की सरकार तो मुफ़्त का पानी ओर मुफ़्त बिजली फ्री देकर सो रही है।

दिल्ली के सरकारी स्कूल का हाल क्या है यह सबको पता है, पढ़ाई का स्तर यह है की 12 वी कक्षा का छात्र सही से हिन्दी भी नहीं पढ़ पाता है ओर यह बोलते है, हमारा मोडेल इंग्लैंड तक फेमस है।

ई-रिक्शा की संख्या इतनी बढ़ चुकी है की पैदल यात्री के चलने के लिए भी जगह नहीं मिलती, जहां मर्जी यह लोग रोक लेते है, ट्राफिक जाम की समस्या खतम नहीं होती।

हमे चाहिए साफ सड़के, मार्केटस को बेहतर ओर व्यवस्थित किया जाए जिससे ग्राहक ओर दुकानदार दोनों को फायदा हो।

जनता को जागरूक बनाया जाए सफाई के प्रति, दिल्ली की जनता को अधिक सुविधा दी जाए, युवा को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाए।

दिल्ली की जनता को चाहिए की वह अपनी एक लिस्ट बनाए ओर सरकार को भेजे की हमारे लिए यह सभी कार्य किए तभी हम आपको वोट देंगे नहीं तो हम सरकार को गिर देंगे, हर साल सरकार बदलने का प्रावधान हो, हमारी शिकायत को लगातार सुना जाए।

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मन की मनघडन्त बाते

मन की मनघडन्त बाते
मनघडन्त बाते इस मन की
मन भी ना जाने कैसी कैसी बाते घड़ता है,
ये अजीब सी कुछ अटपटी सी मनघड़ंत बाते मेरा मन करता है

कुछ किस्से खुद ही बुनता है, कभी कहानी सुना देता है
कभी गुस्से में होता है तो
कभी प्यार करता है
जब ये बाते बुनता है

तब ये किसी की नही सुनता है
बस मनघड़ंत-बस मनगढ़ंत
बाते ये मन बुनता है

कुछ देखी , कुछ सुनी बाते ये मन करता है
मन की भीतर दबी बात होती है
जब कोई लाइन मैं आगे आकर खड़ा हो जाता है,
बिना मतलब हमे पीछे कर जाता है
मन भीतर गुस्सा तो बहुत आता है

लेकिन
कुछ कह नही पाते हम
बस कोसते हुए जाते हम
जब कोई धक्का मार चला जाता है,
सॉरी बोलकर अपना पीछा वो छुड़ा जाता है
जैसे सॉरी से क्या सब कुछ ठीक हो जाता है,
अजी कोई बिना मतलब के गाली देता है,
छोटा समझकर कोई छेड हमे जाता है

जब कोई उम्र में छोटी लड़की भी यह लेडीज
सीट है  बोलकर उठा देती है ना शर्म आती है
उसे ना लाज
बस मेरे मन की गाली तो  मेरे मन भीतर दब रह जाती है

बिना मतलब रोड पर चलते हुए टक्कर कोई मार जाता है और पीछे मुड़कर भी नही देखता है
बस अनदेखा कर मरता हुआ बीच रोड छोड़ चला वो जाता है ,
बिना कान लीड लगाए मेट्रो और बसों में जब कोई मोबाइल पर गाना बजाता है
गुस्सा तो बहुत आता है,
पर मन की बात मन में ही रह जाती है।

जब गुटका खाकर बस के बाहर थूकता है,
वो छीटे मुझ पर आती है लेकिन कुछ हो नही पाता है

जब पुलिस स्टेशन में एक FIR के लिए चक्कर लगाता हूं
हल कुछ निकल नही पाता है
जब एक केस के लिए कोर्ट के चक्कर लगाता हूं
जब पुलिस वाला हफ्ता वसूल कर जाता है
डीटीसी बस का कन्डक्टर पूरे पैसे देने पर टिकट नही बनाता है।

बोलता है बैठ मेरे पास उतर जाना आराम से,
और कई बार गलत टिकट वो बनाता है,
आम आदमी हूं मुझे कुछ समझ नही आता है
गुस्सा तब आता है जब खाकी वर्दी वाला  भी गाड़ी पकड़कर चलान काट जाता है।

रोकता है परेशान करता है चलान भी नही देता है,
बस 500 का नोट लेकर ही वो छोड़ता है, मेरा मन मनगढ़ंत बाते बनाता है

लेकिन कुछ कर नहीं पता है बस दबी हुई, मन की बाते मन में रह जाती है।

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उलझ

उलझ एक हिन्द फिल्म जो इस शुक्रवार को सिनेमा में रिलीज हुई, दर्शकों को फिल्म तो पसंद आ रही है लेकिन जाह्नवी कपूर की ऐक्टिंग बिल्कुल भी नहीं पसंद आ रही, क्युकी इनके पास ईमोशन, डरना, ओर कहाँ कॉन्फिडेंट होना है कहाँ डरना है इस बात का कोई इल्म ही नहीं है,

यह फिल्म जाह्नवी कपूर को लेकर बनाई गई है, इस फिल्म का रिव्यू तो नहीं दे रहा मैं लेकिन जाह्नवी कपूर की थोड़ी सी बुराई कर रहा हूँ, क्युकी जाह्नवी कपूर को फिल्म तो अच्छी मिली लेकिन उसकी ऐक्टिंग बहुत ही खराब है, जाह्नवी कपूर सीन में फिट हो सके उसी तरह से फिल्म को काफी जगह मोड़ा गया है, नहीं तो यह फिल्म काफी अच्छी चल सकती थी, यदि उलझ फिल्म किसी दूसरी ऐक्ट्रिस को लिया जाता या फिर किसी मेल कलाकार को ही फिल्म में भूमिका निभाने के लिए रख लिया जाता तो शायद फिल्म इससे कई बेहतर हो सकती थी।

कुछ सीन इतने खराब थे जिनको देखकर हंसी आती है इतनी छोटी छोटी गलतिया फिल्म में की गई है, जो बहुत छोटी फिल्मों में भी नहीं की जाती इसलिए इस फिल्म को देखने से पहले सोचे की आप यदि जाह्नवी कपूर की वजह से जा रहे है तो बिल्कुल भी न जाए, फिल्म को देखे ओर जाह्नवी कपूर को इग्नोर करे।

फिल्म की कहानी तो अच्छी है लेकिन कहानी से ज्यादा दिमाग खरब जाह्नवी कपूर की ऐक्टिंग करती है जब भी दिमाग फिल्म में लगाने की कोशिश करता हूँ तभी जाह्नवी कपूर अपनी ऐक्टिंग के जरिए फिल्म देखने का मन उतार देती है, जाह्नवी कपूर के अलावा सभी कलाकारों ने बेहतर अभिनय निभाया है, जिसके चलते आप फिल्म देख सकते यही लेकिन बस एक ही शर्त है की आप जाह्नवी कपूर को इग्नोर करे तभी आप फिल्म को अच्छे से देखने का आनंद उठा पाएंगे।

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Virender Sehwag

Virender Sehwag: The Fearless Master Blaster of Indian Cricket

Introduction:
Virender Sehwag, known for his explosive batting and fearless approach, is hailed as one of the most destructive opening batsmen in the history of Indian cricket. With his unique combination of aggression, impeccable timing, and a wide array of strokes, Sehwag redefined the art of opening batting. In this blog, we delve into the life and career of Virender Sehwag, a true master blaster whose fearless style of play entertained cricket fans around the world.

Early Life and Rise to Prominence:
Virender Sehwag was born on October 20, 1978, in Najafgarh, Delhi. From a young age, Sehwag exhibited immense talent and a natural flair for stroke play. He rose through the ranks of domestic cricket and caught the attention of selectors with his aggressive batting style and ability to dominate bowling attacks.

International Debut and Impactful Performances:
Sehwag made his international debut for India in 1999 in a Test match against South Africa. He announced himself with a scintillating century in his debut series against England in 2001, establishing his reputation as a fearless and attacking batsman.

Virender Sehwag
Virender Sehwag

Memorable Performances:

  1. Triple Centuries: Sehwag is the only Indian batsman to score two triple centuries in Test cricket. His first triple century came against Pakistan in Multan in 2004, where he scored a blistering 309 off just 375 balls. Sehwag’s second triple century was against South Africa in Chennai in 2008, where he scored an unbeaten 319.
  2. Fastest Triple Century: Sehwag holds the record for the fastest triple century in Test cricket. He reached the milestone in just 278 balls against South Africa in Chennai in 2008, showcasing his aggressive intent and unmatched batting prowess.

Contribution as an Opening Batsman:

  1. Aggressive Batting Style: Sehwag’s batting style was characterized by his aggressive and attacking approach. He had the ability to dominate bowlers from the very start of an innings, putting pressure on the opposition and setting the tone for the rest of the team. Sehwag’s fearless stroke play and ability to score at a rapid pace made him a nightmare for bowlers.
  2. Unmatched Timing and Stroke Range: Sehwag possessed exceptional hand-eye coordination and impeccable timing, allowing him to dispatch even good deliveries to the boundary with ease. He had a wide range of strokes, including the trademark cut, pull, and his audacious lofted shots over the infield.
  3. Impact in Limited-Overs Cricket: Sehwag’s attacking approach was not limited to Test cricket. He was equally destructive in One-Day Internationals (ODIs) and Twenty20 Internationals. Sehwag played crucial innings at the top of the order, providing India with explosive starts and laying the foundation for big scores.

Records and Achievements:

  • Sehwag is the only player to have scored two triple centuries and a double century in Test cricket as an opener.
  • He scored the fastest triple century in Test history, reaching the milestone in just 278 balls.
  • Sehwag holds the record for the highest individual score by an Indian in Test cricket (319).
  • He was a member of the Indian team that won the ICC World T20 in 2007 and the ICC Cricket World Cup in 2011.

Conclusion:
Virender Sehwag’s cricketing journey was characterized by his fearless and aggressive batting style, making him one of the most entertaining cricketers to watch. His ability to dominate bowling attacks and score at a breathtaking pace left a lasting impact on the game. Sehwag’s records and achievements stand as a testament to his exceptional talent and unwavering self-belief. His legacy as a master blaster and a true icon of Indian cricket will continue to inspire future generations of batsmen to play with fearlessness and express themselves on the field.

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समय का नहीं अवरोध

समय का नहीं अवरोध …..
निरंतर अविरल अविरोध ।
सब घटनाएँ समय के भीतर….
समय साक्षी निश्चित इसका स्वर ।

समय अनुसार व्यक्ति वस्तुओं का बदलता रूप…..
यह समय की लीला क्रिया कोई दिखता सुंदर या करुप ।
समय नही थकता इसने नहीं सीखा थकना….
प्रार्थना मुझे भी इस साहस का स्वाद चखना

विहग स्वर्गीय आकाश में बदलते हैं,
प्राणी जीवन के संघर्ष में पलते हैं।
समय की गति निरंतर बदलती है,
जीवन की लहरों को लहराती है।

समय के साथ चलो, मोमबत्ती जैसा जलो,
क्षण-क्षण का आनंद जीवन में ढलो।
भूत, वर्तमान, भविष्य, एक ही क्षण में,
जीने का रहस्य समय के पास है छिपा।

प्रेम के बंधनों को समय सुलझाता है,
दुःख के बादलों को समय छिड़कता है।
सफलता की मस्ती समय के संग आती है,
विफलता का गहरा संगी समय से हारती है।

जीवन का रहस्य समय के भीतर छिपा है,
खोये हुए सपनों को समय फिर लौटाता है।
बदल जाता है समय, चलता रहता है,
मनुष्य को जगाता है, जीवन को बचाता है।

समय का नहीं अवरोध, उसकी विरासत हैं हम,
जीवन के अरमानों को समय से जोड़ते हैं हम।
समय के आगे सब कुछ झुक जाता है,
इसीलिए हर क्षण को समय से जीता है।

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