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दुख अतीत की बाते

दुख अतीत की बाते सोचने पर ही होता है इसलिए हमे अपने अतीत की बातों भूल जाना चाहिए ओर स्वयं को वर्तमान के विचार पर ही ध्यान केंद्रित करना चाहिए,

दुःख की नज़र होती पीछे अतीत में…
अत्तीत में रहने से वर्तमान में नुक़सान हमे ।
व्यक्ति दुखी और ख़राब कर रहा वर्तमान..
दुखो से बोझिल चलता फिरता शमशान ।

जगाये विश्वास कि सब कुछ होगा सही…
विश्वास का बल अंधेरों की चढ़ा देगा बलि ।
विश्वास में निहित सुंदर भविष्य की कामना…
पूरे होंगे सारे सपने पूरी होगी सब मनोकामना।

जीवन प्रयोग के तीन

जीवन प्रयोग के ऐसे तीन ज जो है, बहुत मजबूत नहीं होने दे कमजोर , जज़्बातों पर नियंत्रण रहता है बहुत जब मन हो जाता है मजबूत सारी समस्या भी हल हो जाती है,

जीवन प्रयोग के तीन ज हो मज़बूत….
जज़्बात, जेब और खूब मज़बूत हो जूत ।
जज़्बात
जज्बात हो नियंत्रित
जब मज़बूत मन तब होती संचालित ।
जेब
जेब हो मज़बूत भारी भरी गहरी ….
भरी समस्याओं की फूट जाएगी गगरी ।
जूता
पहने जूते से होती व्यक्ति की पहचान……
मिलता उसको उसी हिसाब से सम्मान ।

जज़्बात जेब और जूता…..
इन तीनो का कस के पकड़े खूटा ।
हम सब संघर्षों से निपटते हुए, सफलता की ओर अग्रसर बढ़ते हैं।

यह भी पढे: हमारा जीवन, छोटी कविता, उलझन, जीवन में उलझन,

फितरत बदलना

फितरत बदलना आसान नहीं है, किसी की फ़ितरत नहीं बदल सकते दोस्तों जब भी भैस पुछ उठाएगी तो गोबर करेगी गोबर क्या समझे, न उलझें, सिर्फ़ और सिर्फ़ समझे, अब बात गोबर की उससे उपले बनते है, बेहतरीन खाद बनती है, गोबर गैस का प्लांट चलता है और पहले गोबर से घर में लेप लगाते थे, दीवारो पे लगाते थे गर्मी में ठंडा और ठंडी में गर्म का अहसास होता था।

और अब तो न जाने क्या क्या समान बनाया जा रहा है, गोबर से कागज मूर्तियाँ लिफ़ाफ़े न जाने अनगिनत समान बना रहे है, लेकिन बदबू में अटक गये तो वहाँ भी फसे रहने की संभावना हे।

तो कृपा करके शुरुआत में न जाये पूरा भाव पढ़े फिर आगे की बात करे, समझदार तो गोबर में भी अपना फ़ायदा ढूँढ लेंगे, ढूँढ लिया है, आगे-आगे और आयेंगे और आने चाहिए जो इसमें अच्छे व्यापार की सम्भावना को बड़ा करे विस्तृत करे, अब बस हमे फितरत बदलना है।

हमारी रियाशी

आज का शब्द “हमारी रियाशी” है

हमारी रियाशी जगह वीआईपी….
इतने गड्डे सड़क पे जैसे वाहन ने शराब पी ।
समझ नहीं आता हे सड़क में गड्डे या फिर गड्डे में बनी हे सड़क……
ख़ासकर दुपहिया वाहन उछल उछल जाते दिल जाता धड़क ।

अभी होगी जब बारिश गड्डे में भर जाएगा लबालब पानी …..
गिरेंगे चोटिल होंगे लोग होगा समय बर्बाद याद आएगी नानी ।
ट्रेफ़िक पुलिस क्यू नहीं लेती इन गड्डों की ज़िम्मेदारी….
क्या सिर्फ़ मोटे मोटे चालान करना उनका फ़र्ज़ हे यह कहाँ की ईमानदारी ।

ब्रह्मांड अखंड है

ब्रह्मांड का एक छोर से दूसरे छोर तक जुड़ा होना ही अखंड कहलाता है,

इस पर कुछ पंक्तियों के माध्यम से अपने शब्दों की छोटी सी रचना की है।

कविता का शीर्षक “ब्रह्मांड अखंड है

ब्रह्मांड अखंड…
शक्ति का अदभुत मेला प्रचंड ।
ब्रह्मांड अदभुत….
व्यवस्था में नहीं कमी एक सूत ।
ब्रह्मांड अकल्पनीय…
कार्यशेली गोपनीय सुरमय ।
ब्रह्मांड निरंतर……
सदा विस्तारित चक्र ।
ब्रह्मांड क्यूँ……
एक गहरा गोपनीय खेल विहू ।
ब्रह्मांड व्यवस्था…..
देखे जैसी जिसकी आस्था ।
ब्रह्मांड ऊर्जा….
स्वयं संचालित व्यवस्था ।
ब्रह्मांड के नियम…..
सबके लिए सम ।
ब्रह्मांड का महत्वपूर्ण हिस्सा पृथ्वी
जीवन यौवन से वो उजरी सँवरी ।

धन्यवाद यह रचना राम ललवानी द्वारा लिखी गई है

साथ ही आप ब्रह्मांड का जुड़ा होना एक छोर से दूसरे तक पढ़ सकते है।

मित्रता अद्भुत

मित्रता अद्भुत संबंध है,
जो हमेशा हमारे साथ है।
दुःख में हमें आश्रय देती,
खुशी में हमारे साथ हंसती है।

मित्रता कही दिमाग़ी कही दिली….
मित्रता दिली ही ख़ालिस असली ।
मित्रता के अधभुत रिश्ते ….
कुदरत की मर्ज़ी में लिपटे ।।

मित्रता सच्ची और निःस्वार्थ होती है,
जो मित्र हमें देता है वह अपना सब कुछ हमें देता है।
मुसीबत में वह हमेशा हमारे साथ खड़ा होता है,
और सफलता में हमारे साथ खुशी मनाता है।

अदभुत संबंध हे मित्रता…..
हृदय से हृदय की निकटता ।
मित्र प्राणो का वो रखवाला….
मित्र रोशनी मित्र उजाला ।

मित्रता जीवन का एक अद्भुत उपहार है,
जो हमें हमारे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संबंध देती है।
जीवन का हर पल अधिक खुशहाल बनाने के लिए,
मित्रता हमारे साथ हमेशा है और हमेशा रहेगी।

मित्रता एक संगीत है जो हमारे जीवन को सुरीला बनाता है,
जो हमें हमारे अंतरंग भावों को समझने की शक्ति देता है।
मित्रता एक आभास है जो हमें हमारी असली पहचान बताता है,
जो हमें हमारी ज़िन्दगी का मतलब बताता है।

मित्रता अद्भुत संबंध है,
जो हमेशा हमारे साथ है।
दुःख में हमें आश्रय देती,
खुशी में हमारे साथ हंसती है।

वर्तमान राजा

आज यानी वर्तमान राजा …
इसी में हे ख़ुशियों का दरवाज़ा ।
सुने वर्तमान को रख के सही तापमान…
बहुत उपयोगी वर्तमान का विमान ।

जब तक हे जीना

जब तक हे जीना तब तक हे सीखना हमारा सीखना कभी रुकना नहीं चाहिए जब तक हम जिए कुछ न कुछ सीखते रहे इसी पर हमारा आज का विचार

जब तक हे जीना तब तक सीखना ….
जीना नित नये खेल का होता सामना ।
बहुत ही शुभ संकल्प की यह कामना…..
नया सीखेंगे बिना लाए मन में दुर्भावना ।

स से सीधी ख से खास न से नज़र
हे सीखना…..
इस बात को जीने से पूरी होगी साधना ।
सीखना सम्भावनाओ का क्षेत्रफल फैलाता….
मौके मिलते जब सीखने का फल आता ।

यह भी पढे: जिंदगी बस इसी तरह, जिंदगी की राह, जिंदगी भर का साथ, सुकून की जिंदगी,

अपनी मेहनत

अपनी मेहनत का गुणगान करेंगे…
सत्य का हम संग जब साथ लेंगे ।
निश्चित लक्ष्य हो हम साध लेंगे ….
दूसरो को मेहनत का प्रोत्साहन देंगे ।।

मेहनत का कोई विकल्प नहीं….
उसके आगे सब मुश्किलें झुकी ।
मेहनत करके गुणगान कीजिए…..
मेहनत का तुम सदा साथ दीजिए।।

वक्त के साथ

वक्त के साथ हर कोई बदल जाता है किसी की अकड़ काम हो जाती है, तो झुक झुक कर चलने लग जाता है, ये वक्त है साहिब इसके आगे कोई नहीं चल पाता है।

वक्त के साथ बदलाव सबमे दिखता है