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एकला चलो रे

एकला चलो रे, जीवन की यही राह है,
जब तक मन में हो ज्ञान का उजागर होना नहीं,
तब तक अभिव्यक्ति का रूप नहीं पा सकते हैं।

जीवन की यात्रा में एकला चलो रे,
जो बनती है आत्मविश्वास की ऊंचाइयों की ओर,
जो देती है सफलता की राह पर बढ़ने का हौसला,
जो बनती है खुद को समझने की ताकत का आधार।

जीवन की यात्रा में एकल चलो रे,
जो बनती है अपनी अलग पहचान का आधार,
जो देती है खुद को जानने का विश्वास,
जो बनती है जीवन के हर मोड़ पर ताकत का स्रोत।

एकला चलो रे, जीवन की यही राह है,
जब तक मन में हो ज्ञान का उजागर होना नहीं,
तब तक अभिव्यक्ति का रूप नहीं पा सकते हैं।

जीवन की यात्रा में एकल चलो रे,
जो देती है खुद को जानने की लगातार उमंग,
जो बनती है जीवन के हर पल का आनंद,
जो देती है खुद को समझने की ताकत का आधार।

एकल चलो रे, जीवन की यही राह है,
जब तक मन में हो ज्ञान का उजागर होना नहीं,
तब तक अभिव्यक्ति का रूप नहीं पा सकते हैं।

चल उठ और दौड़

चल उठ खड़ा हो जा
दुनिया भाग रही है
तू भी चल उठ खड़ा हो जा
दुनिया दौड़ रही है

तू भी उठ खड़ा हो जा
सोने दो यार मुझे नही खड़ा होना
नही खड़ा तू हो जा ….

अच्छा
चल ठीक है तू
रहने दे यार
मेरे ख्याल से तो तू सोजा
चल छोड़ तू यार सो ही जा

चल उठ

तू क्या करेगा भागकर
तू करेगा क्या जागकर
तू चद्दर तान और बस सोजा

तेरा अब काम नही है
तुझमे अब वो दमखम भी नही

तू तो नाकाम ही सही
तू हिम्मत हार चुका है
तू परिश्रम कर थक चुका है
खुद को नाकाम समझ तू रो चुका है
खुद को हारा मान चुका है

इसलिए
तू तो सोजा चद्दर तान और बस सो जा
ना भागेगा ना हिम्मत बढ़ाएगा
सिर्फ तू भीड़ बढ़ाएगा
भीड़ में उत्साह घटाएगा

जा तू सोजा चद्दर तान और सो जा
चल सोजा
नही रुको मैं उठता हूं
मैं आता हूं
मैं चलता हूं ,

सुनो मैं परिश्रम कर थका नही हूं ,
मैं नाकाम सही लेकिन
हिम्मत मैं हारा नही हूं
मैं भागूंगा नही लेकिन उत्साह बढ़ाऊंगा ,

मैं भीड़ का हिस्सा सही
लेकिन भीड़ का उत्साह बढ़ाऊंगा
ना रुकूँगा ना रुकने दूंगा ,
न थकूंगा ना थकने दूंगा
ना सोऊंगा ना सोने दूंगा
मैं सबसे आगे बढ़कर
ही अब दम लूंगा