Posts tagged new movie

hi papa

hi papa बहुत समय बाद एक पारिवारिक बेहतरीन फिल्म देखी hi nana विराज उर्फ नानी इस फिल्म में एक पिता की भूमिका निभाते है, ओर उनकी एक बेटी होती जिसे वो बेहद प्यार करते है, वैसे तो हर पिता अपने बच्चों से बहुत प्रेम करता है, चाहे वो लड़का हो या लड़की उसे इस बात से कोई लेना देना नहीं होता लेकिन नैनी आपको बहुत रुलाते है इस फिल्म उनका अन्कन्डिशनल लव अपनी पुत्री के प्रति बहुत ही भावुक कर देता है। इस फिल्म में मृणाल ठाकुर उर्फ यासना, शरुती हसन, अंगद बेदी, किआरा खन्ना जिन्होंने विराज की बेटी का रोल किया है, इस नन्ही कलाकार ने दिल ही जीत लिया बहुत बेहतरीन ऐक्टिंग की है, बहुत शानदार किरदार निभाया है हर किसी का रोल बहुत ही उम्दा है।  

hi papa फिल्म एक रोमांटिक ड्रामा है जिसे देख मन में संगीत बज उठता है, यह फिल्म आपको रुलाती है बहुत मीठी मीठी हंसी का एहसास कराती है, भावनाओ से ओत प्रोत कर देती है।

खैर आजकल की फिल्मों से तो प्यार नाम का मतलब ही कुछ ओर हो गया है, इस फिल्म में बहुत अच्छे तौर पर प्रेम को दर्शाया गया है, इस रकर की फिल्मों को बार बार बनाया जाना चाहिए जिससे हमारी भावनए जीवित रहे नहीं तो वही मार काट देख कर हम लोग जानवरों की तरह व्यवहार करने लग जाएंगे शायद उनसे भी बदत्तर हो जाएंगे जिस तरह से आजकल फिल्मों में खून खराबा दिखाया जा रहा है।

फिल्म की कहानी में नानी ओर मृणाल ठाकुर एक दूसरे से प्रेम करते है ओर शादी कर लेते है उनका एक बच्चा होता है, ओर कुछ समय बाद यासना ओर विराज का एक्सीडेंट हो जाता है, लेकिन दोनों बच जाते है, लेकिन यासना विराज की पत्नी अपनी यादस्त खो बैठती है जिसके कारण वह अपनी पिछली जिंदगी भूल जाती है ओर उन्हे कुछ याद नहीं रहता यही से दोनों अलग अलग हो जाते है। ओर फिर से कहानी एक नया मोड लेती है जिसे आपको खुद ही देखकर रोमांचित होना चाहिए इसलिए मैं पूरी कहानी नहीं बता रहा इस फिल्म को देखिए ओर बताए की फिल्म आपको कैसी लगी।

hi papa फिल्म इस समय नेटफलिक्स पर उपलब्ध है

टाइगर 3

टाइगर 3 की कहानी

कहानी की शुरुआत फ्लैशबैक से होती है, जहां जोया अपनी किशोरावस्था में है। वह पाकिस्तान के अपने ISI एजेंट पिता नजर (आमिर बशीर) से किक बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रही है। बाप-बेटी दोनों ही खुश हैं, मगर तभी एक आंतकी बम विस्फोट में जोया के पिता को जान गंवानी पड़ती है और वहीं से वह अपने पिता के शागिर्द आतिश रहमान (इमरान हाशमी) के प्रशिक्षण में ISI एजेंट बनने का फैसला करती है। फिर कहानी आती है, वर्तमान में जहां टाइगर (सलमान खान) जोया (कटरीना कैफ) और अपने बेटे के साथ खुशहाल जिंदगी बिता रहा है, मगर तभी आतिश रहमान अपनी गर्भवती पत्नी की मौत का बदला लेने के लिए टाइगर और जोया के बेटे को एक ऐसा इंजेक्शन दे देता है, जिसका एंटीडोट 24 घंटे में नहीं देने पर वह मर सकता है। बेटे की जान बचाने के लिए आतिश, टाइगर और जोया को एक ऐसा काम करने को मजबूर करता है, जिसके कारण ये दोनों ही इंडिया-पाकिस्तान में देशद्रोही साबित हो जाते हैं।

ऐसे हालात आतिश रहमान उस वक्त पैदा करता है, जब इंडिया-पाकिस्तान अमन की पहल कर रहे होते हैं। वह पाकिस्तान में जम्हूरियत खतम करके डिक्टेटरशिप लाना चाहता है। अब टाइगर उर्फ अव‍िनाश को न केवल अपनी बेगुनाही साबित करनी है बल्कि पाकिस्तान के लोकतंत्र के साथ-साथ वहां की वजीरे आजम को भी बचाना है। क्या टाइगर खुद को निर्दोष साबित कर पाता है? क्या वह अपने ससुराल में जम्हूरियत को कायम रख पाता है? क्या उसे एक बार फिर जोया का साथ मिल पाता है? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

टाइगर 3′ का रिव्यू:

निर्देशक मनीष शर्मा फिल्म की शुरुआत स्पाई यूनिवर्स को सार्थक करने वाले धमाकेदार फाईट सीक्वेंस से शुरू करती है और लगता है कि यह फर्राटे से दौड़ेगी, मगर फर्स्ट हाफ में फिल्म सुस्त हो जाती है। इंटरवल के बाद जब इमरान हाशमी की एंट्री होती है, तब फिल्म अपनी गति पकड़ पाती है। फिल्म का प्लस पॉइंट है, इसका रोगंटे खड़े कर देनेवाला एक्शन। फिल्म को बॉलीवुड की सर्वाधिक एक्शन दृश्यों वाली फिल्म के रूप में प्रचारित किया गया है, जो किसी हद तक सच भी साबित होती है, मगर कमजोर स्क्रीनप्ले फिल्म को नुकसान पहुंचाता है। हां, बॉलिवुड की नायिका का एक्शन के दांव-पेंच से मर्दों को चित करना अच्छा लगता है। फिल्म में एक जगह यंग कटरीना कहती भी है कि वो लारा क्राफ्ट (टॉम्ब राइडर की मशहूर जांबाज फाइटर) बनना चाहती है। मनीष कहानी को इंडिया-पाकिस्तान की जासूसी दुनिया जैसे परंपरागत सांचे में ढालते हुए आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने फिल्म में हर तरह के मसाले डाले हैं। इस टाइगर को पठान (शाहरुख खान) का साथ भी मिला है।

संगीत की बात करें, तो प्रीतम के ‘रुंवा’ और ‘लेके प्रभु का नाम’ जैसे दोनों गाने अच्छे बन पड़े हैं। मगर डायलॉग उतने दमदार नहीं बन पाए। सिनेमटोग्राफर अजय गोस्वामी ने दिल्ली, मुंबई, इस्तांबुल, सेंट पीटसबर्ग, ऑस्ट्रिया जैसे लोकेशनों को बहुत ही कमाल अंदाज में फिल्माया है। फिल्म का प्री-क्लाइमेक्स लंबा हो जाता है, मगर अंत में दर्शकों के लिए एक सरप्राइज एलिमेंट जरूर है।

सलमान से लेकर इमरान हाशमी और कटरीना की परफॉर्मेंस

टाइगर 3 फिल्म में परफॉर्मेंस की बात करें, तो सलमान खान अपने चिरपरिचित अंदाज में हैं। उनका एक्शन और स्वैग उनके फैंस को भाता है और इस बात का सबूत है, सुबह के शो में दिवाली के दिन दर्शकों की मौजूदगी और उनकी एंट्री पर लोगों की सीटियां। कटरीना कैफ परिपक्व अपने एक्शन दृश्यों के साथ पूरा न्याय करती हैं। एशियाई अभिनेत्री मिशेल ली के साथ उनका टॉवल सीक्वेंस वाला एक्शन दृश्य रोमांचक है। इमरान हाशमी फिल्म का मजबूत पहलू हैं। उन्होंने अपनी भूमिका में जान लगा दी है। उन्हें विलेनिश अंदाज में देखने का अनुभव अलग है। पठान के रूप में शाहरुख खान का कैमियो और टाइगर के साथ उनका ब्रोमांस मजेदार है। कुमुद मिश्रा, विशाल जेठवा, रिद्धि डोगरा, रेवती, रणवीर शौरी जैसे कलाकार अपनी भूमिकाओं में जमे हैं।

भगवांथ केसरी

भगवांथ केसरी में नंदमुरी बालाकृष्ण, श्रीलीला, काजल अग्रवाल और अर्जुन रामपाल जैसे सितारों वाली फिल्म अक्टूबर में रिलीज हुई थी और जैसे ही फिल्म रिलीज हुई हर तरफ इसी के चर्चे होने लगे. इसी का असर था कि कई बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म इस फिल्म को खरीदने की होड़ में थे. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर फिल्म किस ओटीटी प्लेटफॉर्म ने भगवंत केसरी के राइट्स खरीदे हैं तो आपको बता दें कि अमेजन प्राइम वीडियो पर ये फिल्म रिलीज हो गई है.

सिनेमाघरों में कुछ ऐसी फिल्में भी रिलीज होती हैं, जिन्हें देखने के लिए सिेमाघरों के बाहर दर्शकों की भीड़ इकट्ठी हो जाती है. भले ही ये फिल्में कम बजट में बनी हों, लेकिन इनकी कहानी इतनी जबरदस्त होती है कि कोई भी खुद को ये फिल्में देखने से रोक नहीं पाता. पिछले महीने ऐसी ही एक फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे देखने वालों की सिनेमाघर में भीड़ लग गई. इस फिल्म की सफलता को देखते हुए अब फिल्म के मेकर्स इसे ओटीटी पर रिलीज करने की तैयारी में जुट गए हैं. ये फिल्म है ‘भगवंत केसरी’, जो ‘गणपत’ और ‘टाइगर नागेश्वर राव’ के साथ सिनेमाघरों में रिलीज हुई और दोनों ही फिल्मों को जबरदस्त पटखनी देते हुए कमाई के मामले में काफी आगे निकल गई.

भगवांथ केसरी फैंस लंबे समय से फिल्म के ओटीटी पर रिलीज होने का इंतजार कर रहे थे, जो अब खत्म हो गया है. नटसिंह्मा नंदमुरी बालकृष्ण और श्री लीला की फिल्म के राइट्स ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम ने खरीद लिए हैं. यानी अब आप ये फिल्म अमेजन प्राइम पर आसानी से देख सकेंगे. फिल्म 24 नवंबर को ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जा चुकी है, अब इसका हिन्दी वर्जन अमेज़न उपलब्ध है, फिल्म बहुत ही शानदार है। फिल्म की कहानी में दम है,

नंदा बालकृष्ण मूरी अपनी बेहतरीन ऐक्टिंग के लिया बहुत ही विख्यात है, इनका अपना ही एक अलग अंदाज है, इनके डाइअलॉग दर्शकों को बहुत लुभाते है, गुंडे तो कांपने लगते है इनको देखकर फिल्मों में जब ये बोलते है सब चुप हो जाते ओर जब मारते है तो बचते नहीं मार ही जाते है।

गदर 2 टिकट बुकिंग

जिस तरह से GADAR-2 की advance टिकट बुकिंग हो रही है उस हिसाब से omg कही भी स्टैन्ड करती हुई नहीं दिख रही , OMG 10% ही टिकट बुकिंग होती दिख रही है, 1.5 लाख टिकट के आसपास अभी तक बिक चुकी है। इस तरह से लगता है की पठान फिल्म का भी रिकार्ड तोड़ देगी।

टिकट बुकिंग
चित्र स्रोत : गूगल, रिकार्ड तोड़ टिकट बुकिंग

22 साल बाद गदर 2 रिलीज हो रही है पहली गदर जब आई थी तब भी यही हाल हुआ था लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी सिनेमाघरों में सनी देओल की ऐक्टिंग ओर एक्शन सीन को देखने के लिए 2-3 हफ्ते तक टिकट ही नहीं मिली थी उनका HANDPUMP उखाड़ने वाला सीन इतना फेमस हुआ की लोग आज तक नहीं भूले, लोग इंतजार कर रहे थे की टिकट मिले ओर हम फिल्म देखने जाए , उन दिनों गदर के साथ आमिर खान की लगान भी आई थी, जिन्ह लोगों को शायद गदर की टिकट नहीं मिल पा रही थी वो लोग लगान ही देखने चले इसमे कोई शक नहीं है लगान एक फिल्म थी।

लेकिन गदर फिल्म के आगे लगान फीकी पड़ गई थी इस बार भी कुछ इसी तरह से होता दिख रहा है, जब मैंने टिकट बुक कराई थी उसी दिन से लग रहा था की टिकट फिल्म के रिलीज होने से पहले ही खत्म हो जाएगी ओर जिस दिन फिल्म देखने के लिए जाना होगा टिकट नहीं मिल पाएगी, इस दिन अक्षय कुमार की OMG-2 भी रिलीज हो रही है ।

लेकिन Theater में भीड़ नहीं दिख रही OMG-2 के लिए सभी सिनेमा हाल में आराम से टिकट उपलब्ध है OMG-2 की , दर्शक सिर्फ ओर सिर्फ गदर 2 ही देखना पसंद कर रहे है , जो लोग सोच रहे है , की अनलाइन क्या बुक करनी उसी दिन लेलेंगे टिकट उनको टिकट नहीं मिलने वाली जिस तरह से हर घंटे बुक मी शो पर टिकट बुक हो रही है। उस समय जो लगान के साथ हुआ था की , GADAR-2 की टिकट नहीं मिली तो लगान ही देख लेते है, बस यही OMG-2 फिल्म के होता दिख रहा है अगले एक हफ्ते या 2 हफ्ते टिकट तो मिलती हुई नहीं दिख रही है, जिस तरीके से सिनेमा हाल में जाने को लोग बेकरार है, बाकी फिल्म देखने के बाद पता चलेगा, की फिल्म में कितना दम है।

उम्मीद करते है फिल्म अच्छी ही होगी

उगरम फिल्म

नंदी जैसी सफल फिल्म देने के बाद, अभिनेता अल्लारी नरेश और निर्देशक विजय कनकमेडला एक एक्शन थ्रिलर, उग्रम के साथ वापस आ गए हैं। नंदी की तरह उगरम फिल्म भी सच्ची घटनाओं पर आधारित है। मिरना मेनन ने मुख्य भूमिका निभाई। फिल्म सिनेमाघरों में आ चुकी है और देखते हैं कैसी है यह उगरम फिल्म

अभिनीत: अल्लारी नरेश, मिरना मेनन, इंद्रजा, शरथ लोहिताश्व निदेशक: विजय कनकमेदला निर्माता: साहू गरपति और हरीश पेड्डी संगीत निर्देशक: श्री चरण पकाला छायांकन: सिद्धार्थ जे

कहानी:                                                                                                                               एक ईमानदार व बहुत गुस्सेल पुलिसकर्मी शिव कुमार (अल्लारी नरेश) को अपर्णा (मिरना मेनन) से प्यार हो जाता है। उन दोनों की शादी हो जाती है और अपर्णा एक लड़की को जन्म देती है। जहां शिव कुमार अपनी नौकरी के प्रति बहुत जुनूनी हैं, वहीं अपर्णा अपने पति से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं क्योंकि वह अपने परिवार को पूरा समय नहीं दे रहे है इस वजह से अपर्णा को शिव कुमार घर छोड़ने के लिए निकल पड़ता है , उसी दौरान अपर्णा ओर उसकी लड़की लापता हो जाती है, जबकि शिव गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। शिव कुमार की पत्नी और बेटी का क्या हुआ? क्या लापता मामलों और उसके परिवार के लापता होने के बीच कोई संबंध है? शिव ने कैसे सुलझाया पूरा रहस्य? यह कहानी की जड़ का हिस्सा है। यही वो हिस्सा जिसे फिल्म ओर बांध लेती है

प्लस पॉइंट:                                                                                               कॉमेडी किंग अल्लारी नरेश एक शानदार अभिनेता भी हैं। कई बार, उन्होंने कुछ लीक से हटकर फिल्मों में असाधारण अभिनय से अपनी काबिलियत साबित की है। उग्रम फिल्म में हमें नरेश में वह अभिनेता देखने को मिलता है। जो अपने ईमानदार प्रदर्शन व गुस्सेल रूप से सभी को आश्चर्यचकित कर देते हैं। नरेश पुलिस की भूमिका के लिए आवश्यक तीव्रता लाते हैं, और सहजता से अभिनय करते हैं। वह एक्शन दृश्यों में बहुत अच्छे हैं, और उनके द्वारा किए गए प्रयास बहुत स्पष्ट हैं। वह फिल्म को शुरू से लेकर अंत तक अपने कंधों पर उठाते हैं। चरित्र-प्रधान फिल्म में नरेश को देखना बहुत अच्छा था।

फिल्म की शुरुआत अच्छी है और पहला भाग अच्छी गति से आगे बढ़ता है। पारिवारिक ड्रामा साफ-सुथरा है, जिसे पूरे परिवार संग देखी और दूसरी तरफ, नायक के चरित्र को अच्छी तरह से प्रदर्शित किया गया है। पहले घंटे में एक शानदार दृश्य है जहां नरेश कुछ छेड़छाड़ करने वालों को दंडित करता है। इस विशेष अनुक्रम को समझदारीपूर्ण और प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जाता है।

एक प्रमुख एक्शन सीक्वेंस, जो दूसरे भाग में आता है, अच्छी तरह से निष्पादित किया गया है। मिरना मेनन को अच्छी भूमिका मिली और उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। शत्रु ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उन्होंने अपना काम बहुत अच्छे से किया है। श्री चरण का बैकग्राउंड स्कोर कुछ एक्शन ब्लॉक को ऊंचा उठाता है।

नकारात्मक अंक

उग्रम फिल्म के साथ सबसे बड़ी निराशा मुख्य बिंदु, यानी लापता मामलों के मुद्दे को संभालने के तरीके से है। यह विशेष पहलू केवल दूसरे भाग में ही केंद्र में आता है, और कोई उम्मीद कर सकता है कि उसके बाद कार्यवाही उग्र और दिलचस्प होगी। लेकिन जांच के कोण में दम नहीं है, और यह काफी सामान्य है।

दूसरे भाग में अचानक एक गाना आता है जो प्रवाह को प्रभावित करता है। लोगों के अपहरण का मुख्य कारण बड़े पैमाने पर निराश करता है, क्योंकि यह कुछ ऐसा है जिसे हमने कई फिल्मों में देखा है। परिचित कहानी दूसरे घंटे में मौजूद सकारात्मक पहलुओं पर भारी पड़ती है। अगर निर्देशक ने मुख्य मुद्दे में कुछ नया पहलू जोड़ा होता, तो चीजें बहुत बेहतर होतीं।

खलनायक का चरित्र ख़राब तरीके से लिखा गया है, और क्लाइमेक्स प्रभाव को काफी प्रभावित करता है। नायक एक स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित है, लेकिन अंत में उस पहलू को अचानक नजरअंदाज कर दिया जाता है। कुछ संवाद मूर्खतापूर्ण लगे। इंद्रजा का किरदार प्रभाव छोड़ने में असफल रहता है।

तकनीकी पहलू:   संगीतकार श्री चरण पकाला ने अच्छा काम किया। कुछ गाने अच्छे हैं और उनका बैकग्राउंड ठोस है। सिद्धार्थ की सिनेमैटोग्राफी अच्छी है और उनके गहरे फ्रेम फिल्म की टोन के अनुरूप हैं। संपादन लगभग ठीक है. उत्पादन मूल्य अच्छे हैं. संवाद और बेहतर हो सकते थे।

निर्देशक विजय कनकमेदला की बात करें तो उन्होंने उगरम फिल्म के साथ अच्छा काम किया। पहले हाफ को अच्छे तरीके से संभाला, लेकिन जब दूसरे हाफ की बात आई तो उन्होंने पकड़ थोड़ी खो दी। हालाँकि उसे नरेश से सर्वश्रेष्ठ मिलता है, लेकिन कथानक के लिहाज से उग्रम फिल्म उतना महान नहीं है। परिचित मेडिकल माफिया एंगल ने फिल्म को कुछ हद तक निराश किया है। फिर भी, नरेश का शानदार प्रदर्शन और अच्छे तकनीकी मूल्य फिल्म को अच्छी कमाई की

क्या फिल्म देखने लायक है ? कुल मिलाकर, उगरम फिल्म एक अच्छी एक्शन थ्रिलर है। अल्लारी नरेश हर संभव प्रयास करते हैं और सराहनीय प्रदर्शन करते हैं। दोनों हिस्सों में कुछ दृश्यों को अच्छी तरह से निष्पादित किया गया है और सभी एक्शन ब्लॉक बहुत बढ़िया हैं। लेकिन मुख्य मुद्दा परिचित कहानी के साथ है क्योंकि यह फिल्म को अगले स्तर तक जाने से रोकती है। इसलिए उग्रम इस सप्ताह के अंत में एक बार देखी जाने वाली फिल्म बन जाएगी।

क्या फिल्म ऐमज़ान प्राइम पर उपलब्ध है ? जी हाँ ये फिल्म amazon पर available है

Baaghi 3

किसी ने Baaghi 3 देखी क्या ? अगर नहीं देखी तो मत देखना आजकल फिल्म बनाना कोई आसान बात नहीं है बहुत मुश्किल काम है डायरेक्टर साहब ने जिस तरह से फिल्म बनाई है उससे पता चल गया कि साउथ की फिल्म को चुराना कितना आसान है इस फिल्म की कहानी लगभग 5 साल पुरानी है साउथ की फिल्म में और बॉलीवुड आज दिखा रहा है मतलब हम इतने पीछे है ?? कुछ तो शर्म करो बनाने और दिखाने के लिए

बॉलीवुड दिखाना क्या चाहता है?? हमें ये फिल्म वाले कुछ भी दिखा रहे है और हमदेख रहे है हमारे पैसों की कद्र तो करो यार

और वन मेन आर्मी वाह पूरा सीरिया तबाह कर दिया एक अकेला टाइगर श्रॉफ ने भाई ओर कुछ नहीं मिला दिखाने को ??? इसके एक्शन , स्टंट कितने शानदार थे लेकिन क्या एक साधारण आदमी पर इतना सबकुछ जायज है ??

सुपर हीरो बनाया होता तो समझ आता कुछ की एक साधारण आदमी की  इमेज एक सुपर हीरो की तरह से रखी है लेकिन आपने तो एक आम आदमी को को कितना ही सुपर हीरो कर दिया बिना लॉजिक के फिल्म को बनना बंद कर दीजिए अब नहीं पचती एसी फिल्म
इससे ज्यादा अच्छी तो 1990 की फिल्में थीं जिनमें कुछ लोग ही पूरी फिल्म को बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत करते थे।

इतना कौन ताकतवर होता है भाई ??

bhaagi 3
baaghi 3

तानहा जी

पिछले हफ्ते दो बड़ी फिल्में रिलीज हुई तानहा जी और छपाक
जिसमे ऐसा हुआ कि तानहा जी तन्हा तन्हा कहते हुए ऊपर निकल गई और छपाक़ धपाक से नीचे गिर गई
छपाक और तान्हा जी दोनों ही फिल्में सिर्फ एक बार देखने लायक है जितना इन दोनों फिल्मों का हंगामा मचाया जा रहा था दोनों इतनी गजब की नहीं है जितना लोगो ने फिल्म को देखने और ना देखने पर शोर मचा रखा था लेकिन दोनों फिल्म देखने के बाद यह निष्कर्ष निकला की यह दोनों फिल्में साल की सुपरहिट फिल्मों में से कोई एक नहीं है।

जहां Tanha Ji को 3.5 की रेटिंग देनी चाहिए थी वहां लोगो ने बहुत ज्यादा ही कर रखी है और छपाक को 2.5 रेटिंग मिलनी चाहिए थी वहां उसे भी लोगो ने जबरदस्ती में ऊपर उठा रखा है।
वैसे लोगो के मन की बात भी के दू मै लोग दोनों ही फिल्म देखना चाहते थे लेकिन इतना सबकुछ उल्टा सबकुछ सोशल मीडिया पर फैला कर सब रायता कर दिया जिसकी वजह से Tanha Ji को फायदा हो ओर छपाक धपक से नीचे गिर गई।

तानहा जी फिल्म में दो बड़े सुपरस्टार थे जिनकी एक्टिंग की वजह से यह फिल्म हिट हो गई वरना फिल्म में कोई खास दम नहीं था काजोल का फिल्म नाम ही था लेकिन एक्टिंग के नाम पर कुछ नहीं दिखाया गया वहीं दूसरी और दीपिका पादुकोण की एक्टिंग बहुत बेहतरीन है फिल्म में कहीं कही पर वो निराश कर देती है कुछ सीन में वो इमोशन नहीं झलकते लेकिन उनको इग्नोर किया जा सकता है ऐसा ही Tanha Ji में भी हुआ की इमोशन पर काम नहीं किया गया।
अगर आप सभी दीपिका पादुकोण के JNU जाने की नाराज़गी से उभर गए तो फिल्म देखकर आ सकते हो और TANHA JI भी देखिए पैसे वसूल है दोनों ही फिल्में
इन झगड़ों दंगे फसाद से कुछ नहीं मिलने वाला गुस्से में घर अपना ही जलता है दूसरे तो आकर हाथ सेकते है हुजूर इसलिए लोगो को हाथ सेकने का मौका ना दे
और मैं दोनों पक्षों को देखता हू , दोनों की बुराई और अच्छाई को सरहना करता हू मेरे लिए सभी समान है
ना मै किसी से नफ़रत करता हू ना ही प्रेम

तानहा जी
तानहा जी