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सच का सफर

सच का रास्ता आसान नहीं है मुश्किल है सच का सफर लेकिन सच बोलने के लिए कभी सोचना नहीं पड़ता लेकिन जब हम झूठ बोलते है तब हमे सोचना पड़ता है की दुबारा भी यही बोलना है इस झूठ को छुपाना भी है पड़ता इसलिए सच्चाई के रास्ते को हमे अपनाना इस राह से नहीं भटकना इसी पर आज का विचार “सच की सफर”

सच बोलने के लिए नहीं सोचना हे पड़ता…..
ये सच की क़ाबिलियत उसका तड़का ।
सच के नाम के झूठे नोट भी चल रहे……
इसी व्यवस्था में वो झूठे भी हे पल रहे ।

सच की राह मुश्किल पर रास्ता सीधा….
देखने की बात कितनी किसकी श्रद्धा ।
कुदरत का क़ानून सच उसका आधार ….
इसी आधार से दे मन विचारो को आकार ।

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कामयाब व्यक्ति कौन

1. कामयाब व्यक्ति कौन …..
उसकी जीवन के प्रति अभिव्यक्ति
मुस्कुराहट से मसले करता हल….
मन मस्तिष्क उसका इतना सबल ।
खामोशी से मसलों से बनाता दूरी …
रास्ता सही का चुनता करता जो ज़रूरी ।

सब अहसास अभिव्यक्ति आपकी शक्ति….
शक्तियों का सही प्रयोगो से बनती हस्ती ।
वरना तो एक नाम के बहुत से हे व्यक्ति….
किस कर्म से जीतना यह असल शक्ति ।

कामयाब व्यक्ति कौन …………..

2. क्या हमारी इतनी समझ हम निस्वार्थ प्रेम जानते है या जानना चाहते हे ?
यह एक प्रशंचिन्ह जब सब कुछ स्वार्थ के घेरे इर्द गिर्द घूमता हो वही धुरी हो फिर वहाँ निःस्वार्थ के असली फूल कैसे खिलेंगे ।

कहते तो हम इसे बहुत अच्छा क्या हम इसमें डूबना चाहेंगे ?
प्रश्नों की झड़ी में उत्पन्न एक उफनता सत्य ।

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मनुष्य होना मेरा भाग्य

मनुष्य होना मेरा भाग्य..
आपसे जुड़ना मेरा सौभाग्य ।
आप से कुछ में सीखूँ…
स्वयं को सही से सींचूँ ।

वो जीत नही वो हे हार!!!!!
जिसमें नीचा दिखाने की दरकार ।
दिल किसी का जीतना बड़ी बात !!!!
जी लो जीवन के ये सच्चे जज़्बात ॥

भाग्य ने धर्म निभाया ,जन्म हुआ मनुष्य का।
मनुष्य धर्म धारण करे बल मिले आत्मा का ।
आत्मा विस्तारित तो सब काम परमात्मा का॥
ये विचार प्रमाण शुभ मानसिक सोच का ।

सूर्य सुबह जगता…
धरती का विघनहर्ता ।
सब ओर जीवन संवरता..,
सूर्य सुबह जब जग़ता ॥

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