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बेस्ट बुक कौनसी है

मैं आपके लिए धीरे धीरे कौनसी किताब अच्छी है, ओर कौनसी नहीं यह आपको बताऊँगा यदि आप 10 वी व 12 वी कक्षा के छात्र है तो आपको अभी से अच्छे से तैयारी करनी चाहिए।

सबसे पहले तो आपको अपनी एनसीईआरटी की किताब को पूरी तरह से पढ़ लेना चाहिए सबसे बेहतर ओर सटीक जानकारी आपकी एनसीईआरटी की किताब में होती है।

लेकिन अकाउंट में आपको एनसीईआरटी की किताब कोई जरूरत नहीं पड़ती यह बहुत अपडेट किताब नहीं आई है, यदि आती भी तो बाजार में इसकी उपलब्धता बहुत ही ना के बराबर है तो अकाउंट के विषय के लिए आप एनसीईआरटी की किताब पर इतना जोर ना दे।

यह बहुत आसानी से आपके आस उपलब्ध होती है, या तो अपने स्कूल से ले लेते है या फिर नजदीकी बुक शॉप से इन किताबों पर डिस्काउंट नहीं मिलता इसलिए डिस्काउंट की उम्मीद भी ना करे, हाँ यदि आप किसी पब्लिशर की किताब खरीद रहे तो उसमे आपको डिस्काउंट जरूर मिलता है।

इसके बाद आप किस विषय की पुस्तक पढ़ रहे है, उसके हिसाब से आप उसकी अध्ययन सामग्री ले जैसे की आप 12 वी कक्षा के लिए अकाउंट की किताब खरीदना चाहते तो कौनसा writer अच्छा किसके प्रश्न सबसे बेहतर है, लेखक सभी अच्छे होते है बस आपको काउंसे तरीके से समझ आने लग जाता है यह निर्भर करता है इसलिए जो आपको समझ आता है वह बेहतर है।

सिर्फ 2 ही किताबे आज के समय में ज्यादा चलती है दिल्ली में T S Grewal ओर दिल्ली के बाहर D k Goyal कुछ दिल्ली के विधायलों में भी Dk Goyal परंतु ज्यादातर T S Grewal ही है।

दोनों ही बहुत बेहतरीन किताबे है लेकिन DK Goyal के प्रश्न कई बार हल नहीं होते है, इसलिए यदि आप दोनों कहरिडे तो बेहतर है ओर फिर D K Goyal का साल के अंत में एक सैम्पल पेपर भी आता है वह भी जरूर ले।

आप इस तरह से भी कर सकते है की DK Goyal की पुरानी किताब खरीद ले ओर T S Grewal की नई किताब यदि आपके स्कूल में T S Grewal लगाई गई है ओर यदि डक गोयल लगाई है तो DK Goyal को नई खरीदे व T S Grewal को पुरानी आपकी बेहतर तैयारी के लिए ये दोनों किताबे काम आएगी।

अंत में यदि आप अकाउंट के विषय की कोई कोचिंग खोज रहे है तो ओर यदि आप करोल क्षेत्र के नजदीक है, तो आपको Aaka academy का लिंक दे रहा हूँ जहां से आप अकाउंट पढ़ सकते है अत्याधिक जानकारी के लिए इनको संपर्क कर सकते है

https://goo.gl/maps/WhuwGdJNnBGjUdfh8

साथ साथ मैं आपके लिए कुछ पुस्तक विक्रेता के नाम की सूची लिख रहा हूँ,

Arya Book Depot in karol bagh

Janta book depot in gole market

Prakash Brother in gole market

karan book house in pahar ganj

Madaan Brother in daryaganj

यहाँ से आपको ज्यादातर किताबे आसानी से मिल जाएगी

यदि आपके मन में कोई प्रश्न है तो कमेन्ट कर सकते है, ओर यदि किसी ओर किताब के बारे जानकारी चाहिए तो वह पूछ सकते है।

धन्यवाद

दुकानदार का जीवन

एक दुकानदार का जीवन कैसा होता है, वह दुकानदार सारा दिन काम में व्यस्त होता भी है ओर नही भी होता कुछ काम कभी कभी तो उसी को दुकानदार कहते है।

काम हो तो बहुत है वरना खाली बैठा बस ग्राहक के आने का इंतज़ार करता है, वह दुकानदार

एक दुकानदार यदि उसके पास काम नही है तो इधर उधर आसपास की दुकानों पर बाते करके अपना समय व्यतीत करता है।

काम कुछ भी नही है लेकिन फिर भी व्यस्त है एक दुकानदार क्यों? क्योंकि वह पूरा दिन उस एक जगह बैठा हुआ है जहाँ से उठकर वो कही नही जा पाता बस उसे वही बैठना है ओर अपना समय अपनी दुकान के लिए ही देना है। क्योंकि लोग कहते है।
‘”ग्राहक ओर मौत का कोई पता नही कब आ जाए”

दुकानदार का जीवन उस चार दिवारी की तरह ही होता है बस वह अपने समान का पता करता रहता है की क्या खतना हुआ क्या नही , क्या लाना है ओर क्या नही पूरा जीवन उस दुकान में समान के खतम होने ओर भरने के चक्कर में खुद को कहाँ खो देता है इस बात का उसको होश नही होता।

एक दुकानदार हमेसा 99 के फेर में लगा रहता है यदि वो खाली भी है तो बस वो व्यस्त है क्योंकि वो कही आ ओर जा नही सकता बस उसे दुकान पर बैठना है चाहे काम हो या नही।

पूरा दिन बैठे हुए वो अखबार के हर के पन्ने को पूरी तरह से निचोड़ देता है।

लोग कहते है अपना काम बहुत बढ़िया होता है जब चाहा छुट्टी कर ली जब मन किया चले गए परंतु ऐसा नही है एक दुकानदार नौकरी वाले व्यक्ति से ज्यादा काम करता है ओर पूरे साल भर यदि देखा जाए तो छुट्टी तो बहुत दूर की बात है। वो बीमार होने पर भी दुकान जाता है क्योंकि उसका घर पर मन ही नही लगता।

दुकान पर आने जाने वाले दुकानदार को कहानी अपनी बीती कहानी सुनाते रहते है।

एक दुकानदार पर जितनी कहानियां होती है उतनी शायद किसी के पास भी नही होती होगी क्योंकि वह पूरे दिन कोई न कोई एक नई कहानी सुन लेता है।

एक दुकानदार की जितनी बहने बनती है उतनी बहने तो शायद किसी की भी नही बन सकती जो आता है वो भैया जी कहकर ही बुलाता है चाहे वो छोटी लड़की है या आंटी , या बुजुर्ग वो भी भैया ही कहकर बुलाते है।

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