चुराना कैद करना

चुराना कैद करना भी अच्छा उम्र के खूबसूरत लम्हे….
मौक़ा मिलते ही करना यह चोरी , वक़्त की क़सम है तुम्हें ।
वक़्त की बुनियाद में हमेशा बदलने
की फ़ितरत…
वक़्त आएगा जब क़ैद कर पायेंगे अच्छे लम्हे पूरी होगी सब हसरत ।

वक़्त की बुनियाद में हमेशा बदलने
की फ़ितरत, यह सच्चाई है कभी ना बदलने।

मौक़ा आया, जब तुमने बदली मन्ज़िलें,
चोरी की ये ख़्वाहिश, थी तुम्हारी जिद्दीयों की वजह से।
प्रतिबंधित थे तुम पहले, ये खेल खेलने से,
लेकिन वक़्त की अंधीरी रातों में तुम देखे नए सवेरे।

चुराना कैद करना, तुम्हारी कहानी की एक अहम हिस्सा है।
वक़्त की मशक़्क़त में तुम फिर भी खोये बच्चों की तरह खिले।
ज़िंदगी के रंगों में तुम ने चोरी की मिठास छिपाई,
पर तुम्हारी आँखों में वो चमक सदियों तक सजी रही।

वक़्त की अदला-बदली ने खींची तुम्हें आगे,
चोरी की ताक़त ने बनाया तुम्हें अमर इतिहास।
तुम्हारी क़िस्मत के निर्माता बदलते रहे,
पर तुम्हारी ताक़त के नाम सदैव प्रमुदित रहे।

चुराना कैद करना भी अच्छा उम्र के खूबसूरत लम्हे।
तुमने सिखाया हमें, चंगुल से नहीं जीना है।
ज़िंदगी के किसी भी दौर में, हो जाए जो भी था,
हमेशा चोरी से नहीं, अपने दिल की सुनना है।

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *